बरवाला। पुरानी मांगें पूरी नहीं होने पर वीरवार को विधानसभा घेरने जा रहे आंगनबाड़ी वर्कर्स को पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर जालौली टोल प्लॉजा पर रोक लिया। रोहतक, रेवाड़ी, पलवल, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़ समेत अन्य जिलों से आए आंगनबाड़ी वर्कर्स ने नाराज होकर टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया। हाईवे जाम की सूचना मिलते ही पंचकूला के अलावा, नारायणगढ़, रायपुररानी, अंबाला से भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया तो दोनों में धक्कामुक्की हुई। 11 से दो बजे तक लगे जाम के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे आंगनबाड़ी वर्कर्स को हिरासत में लेकर छोड़ दिया।
वीरवार सुबह मांगों को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आंगनबाड़ी वर्कर्स विधानसभा घेरने जा रहे थे। पुलिस ने सूचना मिलते ही उनके वाहनों को जलौली टोल प्लाजा पर रोक लिया। गुस्साए आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों ने जलौली टोल प्लाजा पर स्थित नेशनल हाईवे पर अपना डेरा जमा लिया और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया। आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरएस संधू सहित सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों ने हाईवे जाम कर करीब दो घंटे अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी वर्कर्स से हाईवे से जाम हटाने को कहा गया। वर्कर्स ने अधिकारियों के आदेशों को ठुकरा दिया। उसके बाद पुलिस ने महिला पुरुष कर्मचारियों के सहयोग से जबरन आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों को हरियाणा राज्य परिवहन की बसों में भर लिया और बड़ी मशक्कत के बाद हाईवे खुलवाया।
झड़प में आंगनबाड़ी वर्कर्स और पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें भी लगीं
इस दौरान महिला पुलिस कर्मचारियों और आंगनबाड़ी वर्कर्स-हेल्पर में झड़प भी हुई। इसमें आंगनबाड़ी वर्कर्स और महिला पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें भी लगीं। सीटू नेताओं और वर्कर्स ने भी आंगनबाड़ी वर्कर्स का समर्थन किया। सीटू की अध्यक्ष सुरेखा, महासचिव जय भगवान कोषाध्यक्ष विनोद कुमार ने एक संयुक्त बयान में कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स की 8 दिसंबर से जारी आंदोलन को आज 86 दिन हो चुके हैं। पहले से तयशुदा कार्यक्रम के तहत हड़ताली आंगनबाड़ी वर्कर्स ने 3 मार्च को विधानसभा कूच का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि सरकार दमनकारी हथकंडे से बाज आए यह रास्ता सरकार की कफन में कील का काम करेगा। सरकार को इसकी कीमत अदा करनी पड़ेगी। सीटू नेताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्परों के आंदोलन से सरकार बौखला चुकी है। इसलिए जगह-जगह काफिले को रोककर गिरफ्तारियां दी जा रही हैं। यह बेहद निंदनीय और तानाशाही पूर्ण है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जलौली टोल प्लाजा को जाम कर रोष प्रदर्शन करने से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने वाहनों को बरवाला डेराबस्सी मार्ग की तरफ मोड़ दिया।