घग्गर नदी के तट पर सोमवार को मां दुर्गा की प्रतिाएं विसर्जित कर दी गईं। ट्राई सिटी के विभिन्न इलाकों से प्रतिमाएं विसर्जित करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्घालु यहां आए थे।
पंचकूला के सेक्टर 5, 20 और चंडीगढ़ कालीबाड़ी की मां दूर्गा की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही।
सिटी ब्यूटीफुल से पहुंचे सैकड़ों बंगीय परिषद के सदस्यों ने ढोल नगाड़ों के साथ माता को विदा किया।
प्रतिमाएं विसर्जित करने के लिए शाम चार बजे से ही भक्तों का घग्गर नदी के पास पहुंचना शुरू हो गया था। सूर्यास्त से एक घंटा पहले तक अधिकांश पंडालाें की प्रतिमाएं नदी के तट पर पहुंच चुकी थीं।
मां के पूजन के बाद सभी ने भक्ति संगीत पर जमकर डांस किया। नदी तट पर पहुंची सुहागिन महिलाओं ने मां दूर्गा का चढ़ा सिंदूर एक-दूसरे को लगाया और आपस में गले मिलीं।
ऐसे करते हैं मां को विदा
बंगीय परिषद के सैकड़ों सदस्य सुबह मां दूर्गा का पूजन करते हैं। इसके बाद सभी महिलाएं सिंदूर, पान कसैली और मिठाई मां दूर्गा को अर्पित करती हैं।
उसके बाद मां को चढ़ा हुआ सिंदूर सभी सुहागन महिलाएं एक।दूसरे को लगाती हैं और मुंह मीठा कराती हैं। इसके बाद वह मां को बधाई देती हैं। 27 सालों से बंगीय परिषद के सदस्य यहां पर दूर्गा पूजन कर रहे है।