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मां बेचती हैं नारियल पानी, नहीं छोड़ी खेलने की जिद

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पंचकूला। खेल में सफल होना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। यह मुश्किल तब हो जाता है जब परिस्थितियां विषम हों। घर में आमदनी का साधन न हो और अच्छी खुराक न मिल सके। उन हालातों से उठकर जब कोई खिलाड़ी आगे बढ़ता है तो वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है। ऐसे ही अपना नाम चमका रही है महाराष्ट्र कबड्डी टीम की खिलाड़ी मनीषा राठोड़।
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मनीषा की मां नारियल पानी बेचती हैं। उसकी आमदनी इतनी भी नहीं है कि घर का गुजारा आसानी से हो सके। पिता के साथ छोड़ने से उनके हालात और भी ज्यादा खराब हो गए। वह महानगर पालिका के स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा है। हालात खराब होने के बाद भी मनीषा ने खेल के प्रति अपनी जिद जारी रखी। जज्बे को देखकर स्कूल और कोचों ने उसका सहयोग करना शुरू किया। इसके बाद वह आगे चलती गई। पहले भी वह नेशनल स्तर की प्रतियोगिता में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
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