माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल का मंगलवार को सीएम नायब सिंह सैनी ने वर्चुअल उद्घाटन किया। इस अवसर पर भवन को भव्य रूप से सजाया गया था। भवन के उद्घाटन समारोह में सेक्टर-6 की सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार, पीएमओ डॉ. उमेश मोदी सहित स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह का लाइव देखने के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी। इस माैके पर सीएमओ डाॅ. मुक्ता कुमार ने कहा कि जल्द ही भवन में आवश्यक सुविधाएं जुटाकर लोगों को सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। 11 मंजिला मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल का भवन 113 करोड़ की लागत से पीडब्ल्यूडी ने बनाया है। अस्पताल भवन को सजाकर भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया है।
अस्पताल में ये सुविधाएं जुटाई जानी हैं
अस्पताल में 200 बेड की सुविधा, तीन आईसीयू वार्ड, 9 ऑपरेशन थिएटर, 28 वार्ड, हर वार्ड में छह मरीजों का बेड, तीन सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट, अलग-अलग फ्लोर पर 22 के करीब प्राइवेट वार्ड, 35 नर्सिंग स्टेशन, 3 बेसमेंट में दो में पार्किंग और एक में स्टोर उपलब्ध कराने की बात की गई है।
भवन में काम नहीं हुआ पूरा, आनन-फानन में कर दिया उद्घाटन
अभी यहां किसी भी तरह की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हैं। अभी तक इस भवन में बिजली, लिफ्ट सहित अस्पताल में लगने वाली मशीनों को इंस्टाल नहीं किया जा सका है। अभी भी यहां लाइटिंग का काम चल हा है। अभी भवन में कोई भी वार्ड नहीं बनाया गया है। मशीनों को भी स्थापित नहीं किया गया है। अस्पताल में एक भी ओपीडी, काउंटर नहीं बनाया गया है। उद्घाटन के बाद भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ेगा। 11 मंजिला मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल को 113 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका काम 19 मई 2021 को शुरू किया गया था। इसे 31 जनवरी 2023 तक पूरा करना था, लेकिन फंड की कमी के चलते यह काम अभी तक पूरा नहीं है। मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल में अभी दस करोड़ की मशीनें स्थापित की जानी हैं। इसमें सभी टेस्टिंग मशीन अभी तक इंस्टाल नहीं की गई हैं। इस कारण पंचकूला सहित कालका, पिंजौर, रायपुररानी, बरवाला, मोरनी की महिलाओं को अभी टेस्टिंग में वेटिंग की समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्हें पहले डॉक्टर से जांच और उसके बाद अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी वेटिंग के अनुसार अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने पड़ेंगे।
मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल की नई बिल्डिंग पंचकूला स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई है। अस्पताल में जल्द ही दस करोड़ की मशीनें इंस्टाल कर वार्ड बनाए जाएंगे। अस्पताल का काम युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है। -डॉ. मनीष बंसल, डीजीएचएस, हरियाणा