तमाम कोशिशों के बावजूद दिवाली पर प्रदूषण कम नहीं हुआ है, उल्टा पिछली दिवाली के मुकाबले इस बार ज्यादा बढ़ गया है। दिवाली की रात चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (सीपीसीसी) की ओर से चार इलाकों का एयरक्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रिकार्ड किया गया, जिनमें से तीन इलाकों का एक्यूआई पिछली दिवाली के मुकाबले ज्यादा रहा है।
इन इलाकों में पीएम 2.5 व पीएम 10 की मात्रा तय लिमिट से चार गुना अधिक रही है। दूसरी ओर, ध्वनि प्रदूषण में मामूली राहत देखने को मिली है। हालांकि, कुछ इलाकों में ज्यादा भी रिकार्ड किया गया है। यह भी देखने को मिला है कि देर रात तक बम के धमाकों की आवाज आती रही थी। साफ है कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से आतिशबाजी की जो समय सीमा तय की गई थी, उसका जमकर उल्लंघन किया गया है।
जगह------------पिछली दिवाली (2018)------इस दिवाली (2019)
सेक्टर 22----------------311----------------------------371
सेक्टर 17----------------177----------------------------247
पेक 12-------------------297---------------------------280
इमटेक 39--------------338----------------------------352
सेक्टर 25-------------------------------------------------341
ध्वनि प्रदूषण में मामूली राहत आई
वायु प्रदूषण में भले ही बढ़ोतरी दर्ज की गई हो, लेकिन ध्वनि प्रदषूण में मामूली राहत देखने को मिली है। पिछली दिवाली के मुकाबले इस बार धमाकों की आवाज कम रिकार्ड की गई। दिलचस्प यह है कि तय समय के बाद भी धमाकों की खूब आवाज सुनाई देती रही।
एरिया---------------समय---------2018----------2019
सेक्टर 22------------7-8------------71.1--------66.5
------------------------8-9------------80.3-------79.7
------------------------9-10---------87.6-------79.8
------------------------10-11-------81.0--------80.0
------------------------11-12--------63.1--------60.8
सेक्टर 17------------- 7-8----------60.3-------62.0
--------------------------8-9-----------66.9-------64.8
--------------------------9-10----------69.7------66.7
--------------------------10-11--------59.5-------62.2
---------------------------11-12--------55.4------56.5
सेक्टर 12---------------7-8-----------65.2-----59.8
----------------------------8-9-----------74.4-----68.2
----------------------------9-10---------83.1------65.9
---------------------------10-11---------- 75.4---- 59.5
----------------------------11-12---------- 71.1---- 52.6
(नोट : स्टैंडर्ड वैल्यू दिन में (6 से रात दस बजे तक) 55 डेसी। रात (दस से सुबह छह तक) 45)
अभी नहीं मिलेगी दूषित हवा से राहत
पर्यावरण विशेषज्ञ व पीजीआई के एनवायरनमेंट विंग के एडिशनल प्रोफेसर रविंद्रा खैवाल का कहना है कि तापमान नीचे आने की वजह से हाल-फिलहाल प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम है। भले ही प्रदूषण का स्तर थोड़ा नीचे आ जाए, लेकिन शुद्ध हवा मौसम के मिजाज पर ही निर्भर करेगी। बारिश होने के बाद ही प्रदूषण का स्तर नीचे आने की संभावना है। हालांकि, अभी बारिश की कोई संभावना नहीं बन रही है।
प्रदूषण बढ़ने के कारण
1.गाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से टायरों के घिसने से उड़ी धूल
2.दिवाली पर की गई आतिशबाजी
3.पराली का जलना (नासा ने सोमवार को आग के 1200 स्पॉट दर्ज किए)
4.पारा गिरने से वायुमंडलीय सतह का नीचे आना
5.सड़कों की ठीक ढंग से साफ-सफाई न होना
मेरे हिसाब से इस बार कम पटाखे फोड़े गए। लोगों में जागरूकता आई है। यदि ऐसा रहा तो आने वाली दीपावली में प्रदूषण से राहत मिल सकती है। इस दौरान कई अन्य फैक्टर काम कर रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ा है।
- रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर, एनवायरनमेंट स्टडीज पीजीआई