फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: विधायकों को नहीं मिला आदर-सत्कार, मोहाली के डीसी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने विधायकों को सरकारी समारोहों में आदर-सत्कार न मिलने की घटनाओं को गंभीरता से लिया है। पंजाब विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने मंगलवार को ऐसे अलग-अलग मामलों को लेकर पांच जिलों के डीसी तलब किए। इनमें मोहाली के डीसी के पेश न होने पर उनके खिलाफ राज्य के मुख्य सचिव को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। मोहाली के डीसी की तरफ से कहा गया है कि उन्हें विशेषाधिकार कमेटी के समक्ष पेश होने बारे कोई सूचना नहीं मिली। बठिंडा के डीसी वर्चुअल तरीके से जांच समिति के आगे पेश हुए।
विज्ञापन

विशेषाधिकार कमेटी की तरफ से बाकी चार जिलों के डीसी को पेशी के दौरान भविष्य में विधायकों के आदर-सत्कार के प्रति सचेत रहने की हिदायतें दी गईं। विशेषाधिकार कमेटी के चेयरमैन कुलवंत सिंह पंडोरी ने बताया कि मामला इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोहों का है। इन समारोहों में पहुंचे आप विधायकों का निर्धारित नियमों के अनुसार आदर-सत्कार नहीं किया गया। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नरों से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट की जांच के बाद बठिंडा, मोहाली, संगरूर, तरनतारन और शहीद भगत सिंह नगर के डिप्टी कमिश्नरों को दोषी पाया गया था। चेयरमैन ने बताया कि इन सभी डिप्टी कमिश्नरों को मंगलवार को जांच समिति के आगे पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन मोहाली के डिप्टी कमिश्नर पेश नहीं हुए। उनके खिलाफ मुख्य सचिव को अगली कार्रवाई करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर वर्चुअल तरीके से पेश हुए।
डिप्टी कमिश्नरों ने गलती मानी, कमेटी ने दी चेतावनी: पंडोरी
विशेषाधिकार कमेटी के चेयरमैन पंडोरी ने बताया कि जांच समिति के आगे पेश हुए डिप्टी कमिश्नरों ने अपनी गलती मान ली है। इन सभी को हिदायत दी गई है कि सरकारी समारोहों और विधायकों के जिलों में दौरों के दौरान उनके आदर-सत्कार का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही डिप्टी कमिश्नरों को चेतावनी भी दी गई कि हिदायतों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

यह है मामला
गौरतलब है कि इस साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के जिलेवार समारोहों के दौरान मंत्रियों, विधायकों, सीनियर अफसरों और उनके परिवारों के बैठने की जो व्यवस्था की गई थी, उसमें इन पांचों जिलों में यह चूक हुई कि इलाके के विधायकों को मंत्री के साथ वाली सीट पर बैठने की व्यवस्था नहीं की गई, बल्कि इन सीटों पर सीनियर अधिकारियों, मंत्रियों व अफसरों के परिजनों को बैठाया गया। इस तरह निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार विधायकों का आदर-सत्कार नहीं हो सका और यह बात विधायकों को अखर गई। उन्होंने विशेषाधिकार कमेटी से शिकायत की थी। कमेटी ने संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया था। साथ ही इन जिलों के एसएसपीज को भी तलब किया था। कमेटी ने मामले में अपनी पिछली बैठक के दौरान संबंधित एसएसपीज को पेशी के लिए बुलाकर चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें