अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने रविवार को दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार के परिवार से मुलाकात की। अरोड़ा ने परिवार के साथ गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पंजाब सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
उन्होंने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए भाजपा-शासित केंद्र सरकार को इस माहौल के लिए जिम्मेदार ठहराया। इसमें दलितों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ अत्याचार चिंताजनक रूप से बढ़ रहे हैं। अरोड़ा ने कहा कि दलित अत्याचारों पर भाजपा ने चुप्पी साधी हुई है।
परिवार से संवेदना व्यक्त करने के बाद अरोड़ा ने हरियाणा सरकार द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के सुसाइड नोट में आरोपियों के नाम साफ लिखे हैं, फिर भी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। मुख्य न्यायाधीश जैसे सांविधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को भी नहीं बख्शा जा रहा और उन पर जूता फेंकने की कोशिश जैसी शर्मनाक हरकत होती है। यह कानून और न्यायपालिका पर सीधा हमला है।
आप ने पंजाब भर में दिवंगत आईपीएस अधिकारी के आत्महत्या नोट में नामित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला और साथ ही हरियाणा सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन भी किया। अमृतसर में मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कार्यकर्ताओं के साथ भिंडरी पुल से हॉल गेट तक मार्च का नेतृत्व किया। जालंधर में मंत्री मोहिंदर भगत ने कॉरपोरेशन चौक से लव कुश चौक तक मार्च का नेतृत्व किया। पटियाला में विधायक गुरदेव सिंह देव मान ने शेरावाला गेट से ओएम मैक्स मॉल तक मार्च निकाला। बठिंडा में विधायक जगरूप सिंह गिल ने फायर ब्रिगेड चौक से हनुमान चौक तक मार्च की अगुवाई की। लुधियाना में विधायक मदन लाल बग्गा ने आरती चौक से भारत नगर चौक तक मार्च निकाला।