पंचकूला। गांव कुंडी के गवर्नमेंट मिडल स्कूल के जर्जर भवन के पुनर्निर्माण के लिए भले ही 1.07 करोड़ रुपये की ग्रांट बैंक में पड़ी है, लेकिन अभी भी बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कमरे कम होने के कारण स्कूल को दो शिफ्टों में चलाया जा रहा है। बच्चों को बरामदे पर जमीन में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। स्कूल की बिल्डिंग जर्जर घोषित होने के बाद भी इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है। इस तरह बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट में यह खामियां सामने आई हैं।
कुंडी गांव में स्थित गवर्नमेंट मिडल में एक हजार बच्चे दो शिफ्टों में पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें पहली शिफ्ट पहली से पांचवीं कक्षा तक चलाया जा रहा है। पहली शिफ्ट में 500 बच्चों को सुबह 7 से 12.30 बजे तक पढ़ाया जाता है। वहीं छठी से आठवीं तक दूसरी शिफ्ट चलाई जा रही है। इसको दोपहर 12.45 से शाम को 6.15 बजे तक चलाया जा रहा है। इसमें भी पांच सौ बच्चे पढ़ते हैं। दोनों शिफ्टों में एक हजार बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। स्कूल में केवल पांच कमरे हैं। इसलिए बच्चों को बरामदे में भी बैठाया जा रहा है। बच्चों को दरी में बैठाया जाता है। स्कूल में खेल का मैदान भी नहीं है।
कभी भी हो सकता है हादसा
गवर्नमेंट मिडिल स्कूल की बिल्डिंग जर्जर घोषित होने के बाद ग्रांट भी जारी हो चुकी है। ग्रांट करीब दो माह पहले आ चुकी है। इसके बाद भी काम पुनर्निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में जर्जर भवन में कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। खेल मैदान नहीं होने के कारण बच्चों को खेलकूद की किसी भी गतिविधि में शामिल होने का मौका नहीं मिल पाता है। स्कूल की प्रिंसिपल मोनिका शर्मा ने बताया कि स्कूल की बिल्डिंग दोबारा बनाई जाएगी। इससे लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
स्कूल को दो शिफ्टों में चलाया जा रहा है। स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए बजट पास हो गया है। जल्द ही बिल्डिंग को नए तरीके से बनाया जाएगा और खेलकूद की सभी सुविधाएं और ग्राउंड भी स्कूल में बनाया जाएगा। -उर्मिला देवी, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला