नगर निगम के पार्षदों और अधिकारियों के दिल्ली टूर के बाद मेयर राजेश कालिया विवादों में घिर गए हैं। मेयर की ओर से ऑफिशियल टूर पर अपने दो दोस्तों को ले जाने का मामला गरमाने लगा है। कांग्रेस का आरोप है कि मेयर मनमानी कर रहे हैं। ऑफिशियल टूर पर पार्षदों और कमिश्नर की ओर से भेजे अधिकारियों को ही जाना था। इस मामले में कमिश्नर केके यादव ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
सांसद किरण खेर ने मेयर राजेश कालिया को पत्र लिखकर संसद सत्र की कार्यवाही देखने के लिए विशेष आमंत्रण भेजा था। इसमें पार्षदों को भी आमंत्रित किया गया था। मेयर ने इस संबंध में पत्र लिखकर कमिश्नर केके यादव को जानकारी दी। कमिश्नर के निर्देश पर स्पेशल कमिश्नर संजय कुमार झा, एसई पब्लिक हेल्थ शैलेंद्र सिंह और एक्सईएन विजयप्रेमी भी साथ गए थे।
कांग्रेस पार्षद देवेंद्र बबला का कहना है कि जब बस चली तो उसमें दो लोगों की जगह खाली थी। थोड़ी दूर चलने पर दो लोग और बस में चढ़ गए। कुछ देर बाद पता चला कि उनका नाम गौतम मित्तल और राकेश अग्रवाल है। हम लोगों को लगा कि निगम के कर्मचारी हैं, लेकिन बाद में साफ हुआ कि मेयर अपने दो दोस्तों को साथ ले जा रहे हैं। आखिर ऑफिशियल टूर पर पर्सनल व्यक्ति को कैसे ले जाया जा सकता है। यह बिल्कुल गलत है। वहीं, जब कमिश्नर ने तीन लोगों को परमिशन दी थी तो फिर निगम के भी काफी सारे लोग कैसे गए।
2014 में भी हुआ था विवाद
2014 में निगम केपार्षदों का एक टूर अंडमान निकोबार गया था। उस दौरान पार्षद अपनी पत्नी और बच्चों को भी साथ ले गए थे। मामला जब सदन में उठा तो काफी बवाल हुआ। उसके बाद तत्कालीन कमिश्नर वीपी सिंह ने हर पार्षद को प्रति व्यक्ति के हिसाब से 9 हजार रुपये देने का निर्देश दिया था। तब जाकर मामला शांत हुआ था।
दो बार खराब हुई बस, पार्षदों की हुई फजीहत
कई भाजपा पार्षदों ने टूर का खराब अनुभव बताया। उन्होंने बताया कि यहां से निकलते ही हल्लोमाजरा प्वाइंट पर बस में पूरी तरह से पानी अंदर जाने लगा। बस को रुकवाकर देखा तो डीजल टैंक टूटा था। पार्षदों का कहना है कि गनीमत रही कि समय रहते देख लिया नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
कोट
मामला मेरे संज्ञान में आया है। टूर पर साथ में गए अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। उसके बाद नियमानुसार जो कार्रवाई होगी, की जाएगी।
-केके यादव, नगर निगम कमिश्नर
मेयर ने नहीं दिया जवाब
इस मुद्दे पर जब मेयर राजेश कालिया से बात की गई तो उन्होंने फोन पर कहा कि वे आगरा में एक मीटिंग में हैं। बाद में बात करेंगे। उसके बाद उन्हें कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।