सरकारी खर्च पर ओल्ड एज होम में रह रहे लाखों रुपये के मालिक 80 वर्षीय चंडीगढ़ निवासी बुजुर्ग के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन ने याचिका दायर कर कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद हरभजन सिंह किराया नहीं दे रहे हैं और उल्टा वहां रहने वाले लोगों को परेशान कर रहे हैं। हरभजन सिंह के नाम पर बैंक में 29 लाख रुपये की एफडी है और वह प्रतिमाह 17 हजार रुपये पेंशन ले रहे हैं। इसके बावजूद वे सरकारी खर्च पर ओल्ड एज होम में रहना चाहते हैं। प्रशासन की याचिका पर जस्टिस अवनीश झिंगन ने सेक्टर-41 के बैंक मैनेजर को नोटिस जारी कर हरभजन सिंह के खाते की पूरी जानकारी अगली सुनवाई में दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन को यह भी आदेश दिया गया है कि हरभजन सिंह को सेक्टर-43 के सीनियर सिटीजन होम में रहने और उन्हें शिफ्ट किए जाने की संभावनाएं तलाशे। खुद को बेसहारा बता सरकारी खर्च पर ओल्ड एज होम में सहारा दिए जाने की अपील करने वाले 80 वर्षीय हरभजन सिंह लाखों के मालिक हैं और उनका बेटा कनाडा में रहता है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने हरभजन सिंह को आगे रहने के लिए भुगतान करने और अब तक जितना समय रुके हैं, उस लंबित राशि का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
पहले हाईकोर्ट के आदेश पर रखा गया था
याचिका दाखिल कर पंजाब बिजली विभाग में फोरमैन रहे सीनियर सिटीजन ने कहा था कि सेक्टर 15 के ओल्ड एज होम से उसे सर्दियों से ठीक पहले निकाल दिया गया। अब उनके पास सिर ढकने के लिए कोई ठिकाना नहीं है, ऐसे में यूटी प्रशासन को उन्हें रहने की उचित व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को आदेश दिए थे कि याची को ओल्ड एज होम में सरकारी खर्च पर रखा जाए। आदेश के तहत दिसंबर से सीनियर सिटीजन यहीं पर रह रहे थे।
यूटी प्रशासन की जांच में हुआ नया खुलासा
इसी बीच यूटी प्रशासन ने हरभजन सिंह का बैक ग्राउंड तलाशा। जांच में पता चला कि याची के खाते में 29 लाख रुपये हैं और उसे मासिक 17 हजार रुपये की पेंशन भी मिलती है। यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि लखपति होने के बावजूद हरभजन सिंह सरकारी खर्च पर रहना चाहते हैं। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि उनके गुस्सैल स्वभाव के कारण ही सेक्टर 15 के ओल्ड एज होम से निकाला गया था। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए याची को दिसंबर से अब तक ओल्ड एज होम में रहने के लिए तय राशि का भुगतान करने और भविष्य में ओल्ड एज होम में रहने के लिए तय फीस का भुगतान करने के अलावा नियमों के अनुरूप वहां रहने के आदेश दिए।