शहर में बरसाती पानी की निकासी के लिए बिछाई गई ड्रेन लाइन के अधिकांश मैनहोल के ढक्कन गायब हैं। ऐसा नहीं है कि हुडा अधिकारी खुले मैनहोल से अनजान हैं, लेकिन वह सब कुछ जानकर भी अंजान बने हुए हैं।
गुड़गांव में हुए हादसे से भी विभागीय अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत दी, लेकिन मैनहोल के ढक्कन नहीं लगवाए गए। लोगों का कहना है कि विभाग के अधिकारी किसी बड़े हादसे के इंतजार में हैं।
बता दें कि पंचकूला सेक्टर-16 और 9 में कई जगह मेन रोड पर मैनहोल खुले हैं। ऐसे में छोटे बच्चों और आवारा पशुओं के गिरने का खतरा बना रहता है। सेक्टर-16 के एंट्री प्वाइंट गेट के पास भी मैनहोल खुला है। इस रास्ते से अक्सर स्कूली बच्चों का आना जाना होता है। ऐसी स्थिति में कोई बड़ा हादसा हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा।
कैसे होगी बरसाती पानी की निकासी
बरसाती पानी के निकासी के लिए मेन रोड पर बनाए गए मैनहोल खुले हैं। जिसकी वजह से धूल मिट्टी और पत्तों से भरते जा रहे हैं। ऐसे में बरसाती पानी की निकासी कैसे होगी। विभाग मैनहोल की सफाई भी समय से नहीं करवाता। जिसकी वजह से हल्की बारिश में भी सड़कों पर बरसाती पानी जमा हो जाता है। सेक्टर-15 और 16 की डिवाइडिंग रोड पर सेक्टर-16 की तरह करीब पांच फुट गहरे छह मैनहोल के ढक्कन पिछले कई महीनों से खुले हैं।
कोट्स
खुले मैन होल को ठीक कराने के संबंध में हुडा डिवीजन वन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को 17 मार्च को खिला था। इससे पहले भी लिखता रहा हूं, लेकिन अभी तक सहीं नहीं करवाए गए। ये मैन होल मेन रोड पर हैं। अगर ये खुले रहे तो कभी भी खतरा हो सकता है।
सुभाष पपनेजा, निवासी सेक्टर-16 पंचकूला।