धोखाधड़ी के आरोपी के पक्ष में कमजोर केस बनाने और प्रताड़ना से बचाने के लिए मांगी थी रिश्वत
शिकायतकर्ता की रिकॉर्डिंग ने खोला पूरा खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) पंचकूला ने आर्थिक अपराध शाखा से जुड़े एक रिश्वतकांड का भंडाफोड़ किया है। एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता नितिन निवासी ढकोली की शिकायत पर पारस, निवासी सेक्टर-21 पंचकूला को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते सेक्टर-20 सब्जी मंडी से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सब इंस्पेक्टर के कहने पर पारस ने व्यक्ति से रिश्वत की रकम ली। एसीबी ने इस मामले में पारस के साथ-साथ सब-इंस्पेक्टर जोरा सिंह और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता नितिन ने बताया कि वह 5 दिसंबर को जींद से पंचकूला आ रहा था तभी उसके मोबाइल पर पारस नामक युवक का फोन आया। पारस ने बताया कि सेक्टर-12 स्थित आर्थिक अपराध शाखा ने लोन फ्रॉड मामले में नितिन के परिचित राहुल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि जांच अधिकारी एसआई जोरा सिंह ने राहुल के खिलाफ केस कमजोर करने और हिरासत में उसे किसी प्रकार की शारीरिक हानि न पहुंचाने के बदले 7 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। पारस ने नितिन पर लगातार पैसे देने का दबाव बनाया और अपने फोन से राहुल से भी बातचीत करवाई। बाद में पारस ने नितिन को एसआई जोरा सिंह से भी मिलवाया जिसने कहा कि मामला पारस के माध्यम से ही निपटाया जाए।
नितिन ने दबाव में आकर आर्थिक अपराध शाखा के बाहर पारस को 50 हजार रुपये दिए जिसे पारस ऑफिस के अंदर एक कर्मचारी को दे आया। इसके बाद पारस ने नितिन से और 75 हजार रुपये की मांग की।
रिकॉर्डिंग बनी सबूत, ट्रैप में फंसा पारस
लगातार दबाव से परेशान होकर शिकायतकर्ता नितिन ने पारस के साथ हो रही बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली और एसीबी को शिकायत दी।सतर्कता विभाग ने तत्परता दिखाते हुए ट्रैप टीम का गठन किया। शिकायतकर्ता की गई 75 हजार रुपये की राशि जैसे ही पारस ने स्वीकार की एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। पारस रिश्वत की रकम पुलिस कर्मियों तक पहुंचाने का दावा कर रहा था। एसीबी ने आरोपी पारस, सब-इंस्पेक्टर जोरा सिंह और अन्य पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पंचकूला में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।