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डॉक्टरों की हड़ताल : एक हजार ओपीडी घटी, 20 से ज्यादा ऑपरेशन टले

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पंचकूला सेक्टर 6 अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते हड्डी ओपीडी में डीएनबी डॉक्टर मरीजों को
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सीधे एसएमओ की भर्ती करने के विरोध में जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाएं हुईं प्रभावित, अन्य दिनों के मुकाबले तीन घंटे देरी से मिला इलाज
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने सीधे एसएमओ की भर्ती के मामले में जताया विरोध
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की गठित एक्शन कमेटी की ओर से सीधे एसएमओ भर्ती करने के विरोध में जिलेभर में दो दिवसीय हड़ताल के तहत सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं ठप की गईं। पूरे जिले में सोमवार के दिन रोजाना करीब चार हजार होने वाली ओपीडी तीन हजार तक दर्ज की गई। मरीजों को ओपीडी में इलाज तो मिला लेकिन नियमित डॉक्टर न होने के कारण अन्य दिनों के मुकाबले करीब तीन घंटे इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। इस कारण सिविल अस्पताल में करीब 20 से ज्यादा सर्जरियां टालनी पड़ीं। बताया जा रहा है कि हड़ताल की सूचना के बाद कई मरीज इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचे ही नहीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिविल अस्पताल सहित जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी के लिए 23 डॉक्टर मुलाना मेडिकल कॉलेज, 16 कंसलटेंट डॉक्टर और 40 डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई थी। इससे हड़ताल का असर बेहद कम दिखाई दिया। सीएचसी और पीएचसी सेंटर में मुलाना से आए डॉक्टर भी भेजे गए। सिविल अस्पताल के साथ अर्बन हेल्थ सेंटर सेक्टर-16, सेक्टर-26 पॉलीक्लीनिक सहित पीएचसी और सीएचसी में नियमित रूप से मरीजों को जांचा गया। कालका, पिंजौर, मोरनी, बरवाला और रायपुररानी में मरीजोंं को अधिक परेशानी नहीं हुई। ईएनटी, नेत्र विभाग और गायनी के सर्जरियां नियमित रूप से की गईं।
सर्जरी और हड़्डी विभाग पर पड़ा सबसे अधिक असर
हड़ताल का सबसे अधिक असर सर्जरी विभाग पर पड़ा। सोमवार को हड्डी और जनरल सर्जरी विभाग में एक भी बड़ा आपरेशन नहीं हुआ। सोमवार को करीब 20 सर्जरी स्थगित करनी पड़ीं। इमरजेंसी और पोस्टमार्टम के लिए भी अलग से कंसलटेंट और डीएनबी डॉक्टर बुलाए गए थे। उन्होंंने हर जगह काम को संभाला।
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डीसी, पीएमओ और सीएमओ ने अस्पताल के दौरा किया
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर -6 की सीएमओ डाॅ. मुक्ता कुमार ने बताया कि हड़ताल के बाद अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती कर मरीजों की ओपीडी चलाई गई। सीएमओ पंचकूला डॉ. मुक्ता कुमार और अस्पताल के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान दिनभर फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। पंचकूला के डीसी सतपाल शर्मा ने भी सोमवार सुबह अस्पताल का दौरा किया और अस्पताल प्रशासन को आदेश दिया गया कि मरीजों असुविधा न हो। इसके बावजूद अस्पताल की ओपीडी के बाहर लंबी कतार देखने को मिली। कई मरीजों को जब पता चला कि उनके नियमित डाक्टर हड़ताल पर हैं तो वे बिना इलाज करवाए ही घर लौट गए।

हड़ताल में शामिल डॉक्टरों ने दिखाई मानवता
मैं तीन माह की गर्भवती हूं। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है और तबीयत ठीक नहीं है। यह बताते हुए एमडी मेडिसिन की ओपीडी से कुछ दूरी पर एक ढकोली निवासी अर्चना गिरकर बेहोश हो गईं। हरियाणा स्टेट टीबी ऑफिसर डॉ. राजेश राजू हड़ताल में शामिल नहीं थे। इसलिए डॉ. राजू ने तुरंत पहुंचकर महिला का इलाज शुरू किया। इसके साथ ही एमडी मेडिसिन के डॉक्टरोंं को बुलाया गया। इसके बाद कर्मचारी और हड़ताल में शामिल डॉक्टर महिला को स्ट्रेचर पर वार्ड में ले गए और भर्ती किया। उन्होंने महिला को ग्लूकोज चढ़ाने के लिए डि्रप लगाई और इलाज शुरू किया।
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आंखो के इलाज में हुई परेशानी
मैं आंखों की ओपीडी में इलाज के लिए सुबह नौ बजे आ गया। केवल एक डॉक्टर होने के कारण इलाज के लिए तीन घंटे का इंतजार करना पड़ा। -बलदेव निवासी रामगढ़ , मरीज
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जांच होने में दिक्कत हुई
सोमवार को इलाज समय पर नहीं मिल पाया है। आंख के लिए डॉक्टर से दवा लिखवाने के लिए एक घंटे तक लाइन में लगना पड़ा।
-मोहम्मद तारिक, मरीज निवासी मनीमाजरा

भूखा रखा लेकिन ऑपरेशन नहीं किया
मेरा सोमवार को हाथ का ऑपरेशन होना था। एक दिन भूखा रखा गया लेकिन अस्पताल में आई तो ऑपरेशन नहीं किया गया। अब डॉक्टरोंं ने तीन दिन बाद ऑपरेशन करने के लिए कहा है।
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टीला कुमारी निवासी पिंजौर
कोट
अस्पताल प्रबंधन की ओर से सभी ओपीडी चलाई गई। आंखों के मरीजों के ऑपरेशन हुए। जिन डॉक्टरों ने हड़ताल की है उस विभाग के ऑपरेशन नहीं रखे गए थे। सभी सुविधाओं को जल्द बहाल किया जाएगा।
-डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, पंचकूला स्वास्थ्य विभाग
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