जिले में मलेरिया के दो नए केस सामने आए हैं। दोनों मामले में रायपुरानी और बरवाला के हैं। अब तक रायपुरानी और बरवाला से मलेरिया के चार मामले सामने आ चुके हैं। वहीं ओल्ड पंचकूला से मलेरिया के सबसे ज्यादा छह केस सामने आ चुके हैं। जिले में मलेरिया का आंकड़ा 16 पहुंच चुका है। उसके बाद खुल में रखे टायर नहीं हटाए जा रहे हैं। अगर ऐसे ही लापरवाही बरती गई तो डेंगू के लारवा भी पनप सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग की तरफ से खासकर ओल्ड पंचकूला, रायपुररानी और बरवाला में मलेरिया की रोकथाम के लिए एंटी लारवा दवाई का छिड़काव किया गया है। इसके लिए मेलरिया विंग ने छह टीमें बनाई हैं। इनमें दो टीमें एंटी लारवा के दवाई के छिड़काव के लिए बनाई हैं और चार टीमें कूलर, पानी टंकी, टायरों सर्वे के लिए लगाई गई है। इसके अलावा एक इनसेक्ट कलेक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। जो एडल्ट मच्छर और लारवा को पकड़ता है। वहीं विंग ने ओल्ड पंचकूला का दोबारा सर्वे कराया है।