संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एमडीसी सेक्टर-2 और 6 के ओस्टीज कोटा प्लॉट आवंटन मामले की विजिलेंस जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि ड्रॉ से पहले न तो कोई विज्ञापन जारी किया गया और न ही प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। साथ ही आवेदकों को भी ड्रॉ में शामिल होने का अवसर नहीं दिया गया।
आरोप है कि तत्कालीन अधिकारियों की कमेटी ने केवल 13 आवंटियों की मौजूदगी में ही ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी कर दी। जांच के दौरान दो गवाहों ने भी बयान दिए कि उन्हें ड्रॉ स्थल में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
वहीं, मामले की जांच के दौरान चार दिन में दो डीएसपी बदले गए, जबकि 2022 से अब तक छह डीएसपी और दो इंस्पेक्टर बदल चुके हैं। विजिलेंस अब कथित बिचौलियों, अधिकारियों की भूमिका और संभावित वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।