प्रत्यक्ष भर्ती 95% हुई, फैसले का फार्मेसी अधिकारियों ने किया स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा सरकार द्वारा फार्मासिस्ट भर्ती नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। बी. फार्मेसी अभ्यर्थियों के लिए 6 माह की अनिवार्य ट्रेनिंग खत्म कर दी गई है, जबकि प्रत्यक्ष भर्ती का प्रतिशत 75 से बढ़ाकर 95 कर दिया गया है। इस फैसले का फार्मेसी अधिकारियों ने स्वागत किया है।
हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन बीबी सिंगल ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने भर्ती नियमों में अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार द्वारा फार्मासिस्टों के हितों को प्राथमिकता देने का प्रमाण है।
सिंगल ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश का हेल्थ केयर सिस्टम और मजबूत होगा और सरकारी फार्मासिस्टों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। काउंसिल द्वारा फार्मासिस्टों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का आभार जताया।
वहीं, उपाध्यक्ष टीपू सिंह, कार्यकारी सदस्य अनिल परमार और रविंद्र चोपड़ा ने भी इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। संगठन ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी फार्मासिस्टों के हित में ऐसे कदम उठाए जाएंगे।
आल गवर्नमेंट फार्मासिस्ट्स हरियाणा के अध्यक्ष जगदीप सिंह के प्रयासों की भी सराहना की गई, जिन्होंने इस मुद्दे को लंबे समय से उठाया।