158 करोड़ घोटाले के मामले की जांच तेज, पंचकूला समेत कई शाखाओं के रिकॉर्ड खंगाले
करीब डेढ़ घंटे तक किसी भी कर्मचारी को बैंक के अंदर नहीं जाने दिया
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से सोमवार को प्रदेशभर में हड़कंप मच गया। पंचकूला समेत कई जिलों में कोटक महिंद्रा बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखाओं पर छापे मारकर रिकॉर्ड की जांच की गई।
सुबह करीब आठ बजे एसीबी और पुलिस की टीमें बैंक शाखाओं के बाहर पहुंचीं और जांच के दौरान कर्मचारियों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई। करीब डेढ़ घंटे तक किसी भी कर्मचारी को अंदर नहीं जाने दिया गया, जिससे बैंकिंग कार्य प्रभावित रहा।
करीब दस बजे जांच पूरी होने के बाद टीमों ने वापसी की और कर्मचारियों को शाखाओं में प्रवेश की अनुमति दी गई। इसके बाद बैंकिंग कार्य सामान्य रूप से शुरू हो गया।
यह कार्रवाई नगर निगम पंचकूला की एफडी से जुड़े करीब 158 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच के तहत की गई है। मामले में विभिन्न एजेंसियां जांच में जुटी हैं। फिलहाल हरियाणा स्टेट विजिलेंस, चंडीगढ़ पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और महाराष्ट्र पुलिस मामले की पड़ताल कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार सरकार इस पूरे मामले की जांच एक ही एजेंसी को सौंपने पर विचार कर रही है। संभावना है कि मामला जल्द केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा जा सकता है, जिसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
मामले में आरोपी रजत, जो चंडीगढ़ का निवासी है, एसीबी की हिरासत में है। जांच में सामने आया है कि उसके खाते से करोड़ों रुपये दो निजी खातों में ट्रांसफर किए गए। इनमें एक कारोबारी और एक महिला शामिल हैं। विजिलेंस की एसआईटी दोनों की तलाश में लगातार छापे मार रही है।