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बेटियों के गोल्डन पंच के सामने नहीं टिका महाराष्ट्र, हरियाणा ओवरऑल चैंपियन

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पंचकूला। खेलो इंडिया यूथ गेम्स के आखिरी दिन हरियाणा की बेटियों का गोल्डन पंच चला। पिछले दो दिन से पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर चल रहे महाराष्ट्र को बेटियों ने 45 मिनट में एक के बाद एक लगातार छह गोल्डन पंच लगाकर दूसरे नंबर पर धकेल दिया। 52 स्वर्ण पदक के साथ हरियाणा शीर्ष और 45 स्वर्ण के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर रहा। सोमवार को मुकाबले की शुरुआत महाराष्ट्र ने स्वर्ण पदक के साथ किया, लेकिन बॉक्सर बेटियों ने सही रणनीति से लगातार तीन फाइनल बाउट में स्वर्णिम पंच लगाकर चैंपियन का खिताब हरियाणा की झोली में डाल दिया।
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इसके बाद सेक्टर-3 के ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में चले अलग अलग वजन कैटेगरी में बॉक्सिंग के फाइनल मुकाबलों में हरियाणा के बॉक्सरों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कुछ मिनट में हरियाणा ने दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को पछाड़कर बॉक्सिंग रिंग में चार और स्वर्ण पदक झटक लिए। हरियाणा ने सोमवार को कुल 10 स्वर्ण पदक जीते। चैंपियन हरियाणा ने कुल 52 स्वर्ण, सिल्वर 39 और कांस्य 46 अपने नाम किए। वहीं दूसरे स्थान पर रहे महाराष्ट्र ने भी 45 स्वर्ण, 40 सिल्वर और 40 कांस्य जीते।
ओलंपिक पदक विजेता बिजेंदर सिंह की भतीजी के गोल्डन पंच से पलटी बाजी
ओलंपिक पदक विजेता बिजेंदर सिंह की भतीजी तमन्ना ने जैसे ही 5-0 से पंजाब की सुविधा भगत को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया हरियाणा पदक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया। तमन्ना ने 48 से 50 किलोग्राम भार वर्ग में यह पदक जीता। तमन्ना ने बताया कि 2008 में उनके चाचा बिजेंदर सिंह को ओलंपिक में कांस्य पदक मिला था। उन्हीं से प्रेरणा लेकर बॉक्सिंग को कॅरिअर के रूप में चुना। भिवानी के कालूवास गांव निवासी तमन्ना ने बताया कि वह चंडीगढ़ को 5-0, राजस्थान को 5-0, कर्नाटका को सेमीफाइनल में 4-1 से हराकर फाइनल में पहुंची थीं। तमन्ना के पिता पब्लिक हेल्थ में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। वह 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। वह रोजाना बॉक्सिंग की चार घंटे प्रैक्टिस करती हैं।
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बाल शक्ति पुरस्कार पाने वाली नेहा का बॉक्सिंग में चला सिक्का
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजे जाने के बाद हिसार की नेहा ने 52 से 54 किलो भार वर्ग में मणिपुर की हुईर्डो ग्रिविया को हराया। हरियाणा को आखिरी पड़ाव में पदक तालिका में पहले नंबर पर पहुंचाने में नेहा का भी अहम योगदान रहा क्योंकि सोमवार को तीसरा स्वर्ण पदक हरियाणा की झोली में नेहा ने ही डाला। नेहा ने लगातार छह अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। वह देश की सबसे कम उम्र की बॉक्सर हैं।
वह इतने कम उम्र में आठ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का हिस्सा बन चुकी हैं। वह सितंबर 2021 में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उनकी उम्र महज 18 साल है। नेहा के पिता बलजीत हवलदार और मां रीना हाउस वाइफ हैं। नेहा की मां रीना ने बताया कि बॉक्सिंग की ट्रेनिंग सबसे पहले सेल्फ डिफेंस के लिया। उसे धीरे धीरे अच्छा लगने लगा। इसके बाद बाल शक्ति पुरस्कार मिला तो नेहा ने प्रधानमंत्री नरेंद मोदी से एक दिन ओलंपिक में स्वर्ण पदक लाने का वादा कर दिया। नेहा ने सबसे पहले मध्य प्रदेश को 4-1, बिहार के साथ आरएसए मिला, महाराष्ट्र को 4-1 और उत्तराखंड की खिलाड़ी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।
पिता की लाडो ने चौथी बार रचा इतिहास
बॉक्सिंग में लगातार चौथी बार सोनीपत की प्रीति दहिया ने स्वर्ण पदक जीता। 57 से 60 किलोग्राम में प्रीति ने राजस्थान की कल्पना को 4-1 से हराया। प्रीति ने बताया कि उनके पिता की कोरोना से मौत हो गई थी। वह चाहते थे कि उनकी लाडो देश के लिए खेले और पदक लाए। अपने पिता हरिंदर दहिया को दिए वचन को प्रीति निभा रही हैं। उसने चार बार अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप में भी वह 2 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। प्रीति ने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वह देश के लिए ओलंपिक में पदक लेकर आएं। उन्हें हर माह दस हजार स्कॉलरशिप मिलती है। मां पूनम हाउस वाइफ हैं। वह रोहतक में कोच महिंदर सिंह डाका के पास बॉक्सिंग की ट्रेनिंग करती हैं।
किसान की बेटी ने पदक तालिका में स्वर्ण बढ़ाया
66 से 70 किलोग्राम भार वर्ग में हरियाणा की कैथल निवासी लाशु यादव ने पहले दिन से बॉक्सिंग रिंग में 5-0 की बढ़त के साथ जीत दर्ज की। उन्होंने दिल्ली की शिवानी को हराया। पिछले साल उन्होंने खेलो इंडिया यूथ गेम्स में सिल्वर पदक हासिल किया था। उनके पिता रमेश कुमार किसान हैं। पिछले पांच साल से वह बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं। वह लगातार तीन बार नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं। वहीं एशियन चैंपियनशिप में उसे दो बार कांस्य पदक मिला है। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है।
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