को लेकर अंबाला, कुरुक्षेत्र और रोहतक से पुलिस की 10 कंपनियां मंगवाई गई हैं, बॉडी कैमरों से लैस होंगे नाकों पर पुलिस कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। प्रदेशभर से भारी संख्या में किसान तीन दिवसीय महापड़ाव में शामिल होने रविवार को सेक्टर-5 धरनास्थल पर पहुंचेंगे। इस महापड़ाव को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। सुरक्षा के तहत 10 कंपनियों के 900 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। जिले के सीमांत क्षेत्रों समेत शहर में अलग-अलग जगह 12 पुलिस नाके लगाए जाएंगे। सभी नाकों पर तीन लेयर में पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। इन नाकों पर इंस्पेक्टर से लेकर डीएसपी रैंक तक के अधिकारी तैनात रहेंगे।
जिले के भीतर लगे पुलिस नाकों पर इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी मौजूद होंगे। सुरक्षा के मद्देनजर अंबाला, कुरुक्षेत्र और रोहतक से पुलिस की 10 कंपनियां मंगवाई गई हैं। सभी पुलिस नाकों पर बॉडी कैमरे के साथ पुलिसकर्मी मौजूद होंगे ताकि पुलिस विभाग के आला अधिकारी सभी पर नजर रख सकें। जिला प्रशासन की तरफ से अलग-अलग क्षेत्रों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात किए जाएंगे। डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि किसान अपनी मांगों को लेकर तीन दिन तक धरना स्थल पर एकत्रित होंगे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दूसरे जिलों से पुलिस फोर्स मंगवाई गई है।
हजारों किसानों के एकत्रित होने की उम्मीद
धरनास्थल पर हजारों किसानों के एकत्रित होने की उम्मीद है। किसानों के महापड़ाव को लेकर दो राज्यों हरियाणा, पंजाब और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। मीटिंग में पंचकूला पुलिस और प्रशासन की ओर से जिले में महापड़ाव के दौरान हजारों किसानों के आने की संभावना बताई गई है। इसको लेकर चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस विभाग से पंचकूला से सटे बॉर्डर नाकों पर पुलिस को तैनात करने को कहा था ताकि किसान चंडीगढ़ में ना घुस पाएं। अभी तक पुलिस विभाग के पास किसानों के सेक्टर-5 में एकत्रित होने की सूचना है। किसानों के एकत्रित होने के बाद किसान धरनास्थल पर ही प्रदर्शन करेंगे या फिर चंडीगढ़ की ओर कूच करेंगे इसकी पूरी जानकारी नहीं है। किसान नेता अमरजीत सिंह ने बताया कि एसकेएम के आह्वान पर किसानों का तीन दिवसीय महापड़ाव सेक्टर-5 धरनास्थल पर होगा। इसके लिए वे खुद धरनास्थल पर पहुंचे हैं। यहां पर किसान रुकेंगे। किसानों के ठहरने की जो व्यवस्था होगी उसके लिए साथी काम कर रहे हैं।
किसानों की मुख्य मांगें
- पराली जलाने के कारण किसानों पर दर्ज हुए मामलों को खारिज किया जाए
- किसानों को कर्जा मुक्त करें, बिजली बिल माफ किया जाए
- लखीमपुर खीरी में किसानों को न्याय दिया जाए
- किसान आंदोलन के दौरान देशभर में दर्ज मामलों को वापस लिया जाए
- किसान आंदोलन के दौरान जिन-जिन किसानों की मौत हुई थी, उस किसान के परिवार के एक सदस्य को नौकरी व मुआवजा दिया जाए