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Panchkula News: ये देखिए मुख्यमंत्री जी - आप सहूलियतें दे रहे हैं, अधिकारी इस तरह से योजनाओं पर पानी फेर रहे हैं

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पंचकूला। मुख्यमंत्री जी सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में इलाज बेहतरीन होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सिविल अस्पताल सेक्टर- 6 में अधिकारी इस तरह से योजनाओं पर पानी फेर रहे हैं। गर्मी बढ़ने के बाद अब लोगों की सेहत पर असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। मरीजों को इलाज के लिए इमरजेंसी में स्ट्रेचर तक नहीं मिल रहा है। वहीं व्हीलचेयर पर लोगों को ग्लूूकोज चढ़ाया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अस्पताल में बेड की कमी भी सामने आने लगी है। इमरजेंसी वार्ड के एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की इमरजेंसी और ओपीडी में आने वाले मरीज अस्पताल में इसके लिए चक्कर काट रहे हैं। तापमान 43 डिग्री पहुंचने के बाद सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में डायरिया, उल्टी दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने से स्ट्रेचर तक कम पड़ गए हैं और कई मरीजों को व्हीलचेयर पर बैठाकर ही ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। सेक्टर -6 सिविल अस्पताल में रोजाना चार हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें गर्मी बढ़ने के बाद डायरिया, उल्टी दस्त और डिहाइड्रेशन के करीब दो सौ मरीज रोजाना इमरजेंसी की हालत में आ रहे हैं। इमरजेंसी और मेडिसिन विभाग में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। पंचकूला एमडी मेडिसिन डॉ. अश्वनी भटनागर ने बताया कि गर्मी में बाहर का खाना, दूषित पानी और लापरवाही से लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। वहीं युवाओं को भी परेशानी हो रही है।
यह कहना है मरीजों का
अस्पताल में भर्ती मरीज सेक्टर -19 निवासी अश्वनी कुमार ने बताया कि उन्हें तेज उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया, लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिला। मजबूरी में व्हील चेयर पर बैठाकर ही इलाज कराना पड़ा। वहीं एक बेड पर दो महिला भर्ती कालका निवासी रेनू और मौलीजागरा निवासी रीना ने बताया कि बेड कम होने से एक बेड पर बुखार के दो-दो मरीज भर्ती हैं। इस तरह में इंफेक्शन का डर बना हुआ है। स्ट्रेचर इमरजेंसी के सामने नहीं होने पर दिक्कत हो रही है। इमरजेंसी के सामने स्ट्रेचर दिन में नहीं मिलने से यह हालात बने हैं।
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इमरजेंसी के सामने स्ट्रेचर जरूर रखे जाए
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी में गर्मी बढ़ने के साथ डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों को खानपान में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। इमरजेंसी के सामने स्ट्रेचर होते हैं। मरीजों को ले जाने के बाद लोग वार्डों में स्ट्रेचर बाहर छोड़ देते हैं। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि इमरजेंसी के सामने स्ट्रेचर जरूर रखे जाए। - डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर -6
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