माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। करीब तीन माह से सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में टेस्ट नहीं होने के कारण लीवर और किडनी के मरीज परेशान हैं। मरीजों का अस्पताल में समय तो खराब होता ही है, साथ ही निजी लैब में भारी फीस देकर टेस्ट कराने पड़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि टेस्टिंग मशीन का केमिकल समाप्त हो गया है। मशीन भी पुरानी हो गई है। इसके चलते अस्पताल में जांच के लिए आने वाले मरीजों को एलएफटी और आरएफटी की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
बाहर निजी लैब से 350 रुपये खर्च कर डॉक्टरों द्वारा लिखे टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल के कुछ लोगों का कहना है कि इस सुविधा का उचित लाभ मरीजों को तभी मिल पाएगा, जब अस्पताल की लैब में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नई मशीन मंगवाई जाएगी। फिलहाल तीन माह में 50 हजार से ज्यादा मरीजों को बाहरी लैब से टेस्ट करवाने पड़े हैं। वर्तमान में नागरिक अस्पताल में बरवाला, रायपुररानी, मोरनी, पिंजौर-कालका के अलावा हिमाचल और अन्य राज्यों से मरीज बड़ी संख्या में यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं।
चार हजार में एक हजार मरीज आरएफटी और एलएफटी के
नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए रोजाना करीब चार हजार मरीज आते हैं। इसमें करीब एक हजार मरीजों को रोजाना डॉक्टरों द्वारा एलएफटी और आरएफटी के जांच लिखा जाता है। अस्पताल लैब की मशीन काफी समय से खराब है। अन्य टेस्ट तो यहां हो जाते हैं, लेकिन उचित जानकारी के अभाव में एलएफटी और आरएफटी के लिए मरीजों को अस्पताल की लैब के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
बुखार, जुकाम और ब्लड प्रेशर हाई होने की समस्या है। सीने में भी दर्द है। अस्पताल में जांच के लिए पहुंचा तो डॉक्टर ने एलएफटी और आरएफटी टेस्ट लिख दिया। अस्पताल की लैब में टेस्ट के लिए रसीद लेने पहुंचा तो बताया गया कि उपरोक्त दोनों टेस्ट बाहर से कराने पड़ेंगे। निजी लैब में दोनों टेस्ट के 350 रुपये खर्च करने पड़े। रामकुमार, मरीज।
पहले ओपीडी में आरएफटी और एलएफटी की टेस्ट के लिए लिखा गया। लैब के काउंटर पर टेस्ट पर्ची के लिए काफी देर तक लाइन में खड़ी रही। घंटों इंतजार के बाद टेस्ट की पर्ची मिली, उसमें दूसरे टेस्ट लिख दिए गए, लेकिन एलएफटी और आरएफटी बाहर से कराने के लिए कहा गया। जिसके चलते समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ। - मंजू, मरीज।
एलएफटी और आरएफटी के टेस्ट इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के किए जा रहे हैं, लेकिन ओपीडी में आने वाले मरीजों का नहीं किया जा रहा है। टेस्टिंग मशीन पुरानी है, लोड नहीं ले पा रही है। जल्द ही नई मशीन के लिए प्लानिंग तैयार की जाएगी। - डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, नागरिक अस्पताल सेक्टर -6 पंचकूला।