पंजाब सरकार ने प्रोजेक्ट पर शुरू किया काम, पीपीपी मोड पर होगा पूरा
सालों से लटक रहे था प्रोजेक्ट, जुलाई से चुनी जाएंगी कंपनियां
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सालों बाद पंजाब सरकार ने राज्य में कारोबार और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर तीन बड़े शहरों में इंटरनेशनल स्तर के होटल-कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर स्थापित करने की तैयारी की है। ये शहर लुधियाना, मोहाली और अमृतसर हैं। यह काम पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड एंड डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स द्वारा किया जाएगा।
प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर पूरा किया जाएगा। प्रोजेक्ट को साकार करने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। अगर सबकुछ सही रहता है तो जुलाई में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि पंजाब में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई उचित कदम उठाए जा रहे हैं। कई नामी कंपनियां पंजाब आ रही हैं। इससे लोगों का फायदा होगा।
राज्य सरकार की तरफ से जिन तीन शहरों को उक्त प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है वे औद्योगिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। यहां के उत्पादों से भारत को पूरी दुनिया में पहचान मिलती है। इन इलाकों में काफी संख्या में सैलानी भी आते हैं। इनसे हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व भी सरकारी खजाने में आता है। काफी समय से इन शहरों में उक्त चीज की मांग की जा रही थी।
इतना ही नहीं मोहाली और लुधियाना में तो जगह की निशानदेही से लेकर अन्य औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई थीं। अधिकारियों की टीम ने प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए हैदराबाद समेत कई इलाकों में जाकर स्टडी भी की थी। वहीं, अब राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट की दिशा में कदम बढ़ाया है। माना जा रहा है कि प्रोजेक्ट स्थापित होने से यहां के उद्योगपति अपने सामान का प्रदर्शन आसानी से कर पाएंगे। उम्मीद है कि इस बार यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ जाएगा।
इससे पहले पंजाब सरकार ने अपनी नई उद्योग नीति का ड्रॉफ्ट तैयार करने से राज्य के सभी जिलों में जाकर उद्योगपतियों की राय जानी थी। इसमें यह मुद्दा गंभीरता से उठा था। वहीं, सूबे के सांसद भी इस चीज की मांग कर चुके हैं। इसके बाद यह फैसला लिया गया है। सरकार की कोशिश है कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रोजेक्ट को धरातल पर उतार दिया जाए।
पहले नींव पत्थर से आगे नहीं बढ़ पाया था प्रोजेक्ट
इससे पहले राज्य की सत्ता पर काबिज रही भाजपा-अकाली और कांग्रेस सरकार ने भी योजना बनाई थी। इस पर काम भी शुरू हुआ था लेकिन दोनों बार यह प्रोजेक्ट चुनाव से ठीक पहले शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया था लेकिन प्रोजेक्ट हकीकत में नहीं बदल पाया था। इससे लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ रही थी। अकाली सरकार के समय में तो मोहाली के फेज-आठ में कन्वेंशन सेंटर के लिए नींव पत्थर भी रख दिया गया था। इससे उद्योगपति काफी आहत हुए थे।
स्टडी में कन्वेंशन सेंटर की उठ चुकी है मांग
करीब आठ साल पहले अकाली-भाजपा सरकार के समय दिल्ली के डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड की तरफ से एक्सपोर्ट बढ़ाने की संभावनाओं पर रिसर्च रिपोर्ट तैयार करवाई गई थी। इसमें कहा गया था पंजाब में जालंधर, अमृतसर, लुधियाना और मोहाली जैसे कारोबारी हब में कनवेंशन सेंटर होने चाहिए। जालंधर-अमृतसर के लिए ड्राई पोर्ट की जरूरत भी बताई गई थी।