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पंचकूला के स्कूलों में पढ़ाई बेहतर करने को विशेष कवायद

Mon, 04 Jul 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ पंचकूला
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स्कूल - फोटो : thebetterindia.com
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प्राइवेट स्कूलों की तरह अब प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से पांचवीं तक के स्टूडेंट्स की लिखने-पढ़ने की क्षमता बेहतरीन होगी। शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेशभर के सभी स्कूलों में लर्निग एनहांसमेंट प्रोग्राम (एलईपी) शुरू करने का निर्णय लिया है।
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इससे पहले यह प्रोग्राम प्रदेश के करीब 3200 स्कूलों में चलाया जा रहा था। अब गर्मी की छुट्टियों के बाद से प्रदेशभर के सभी करीब 16 हजार सरकारी स्कूलों में इसकी शुरुआत होगी। वहीं जिले की बात करें तो यहां पहले 62 स्कूलों में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा था, इसमें पिंजौर के 40, बरवाला के 12 और रायपुररानी के 10 स्कूल शामिल थे।

अब शहर के सभी 418 स्कूलों में इस कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को समदर्शिका भी जारी कर दी गई हैं। इन्हीं के आधार पर स्टूडेंट्स की क्षमता का विकास किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में सुबह 8:30 से 9:30 बजे तक एक घंटे की विशेष क्लास लगेंगी।
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शिक्षकों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
एलईपी को बेहतर तरीके से लागू करने और इसके बेहतरीन परिणाम के लिए सभी शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि हर शिक्षक अपनी कक्षा से पहले एक घंटा एलईपी के तहत स्टूडेंट्स का ज्ञानवर्धन कर सकें। अभी नए जोड़े गए स्कूलों में इस सत्र से तीसरी, चौथी व पांचवीं के स्टूडेंट्स को इस विधि से पढ़ाया जाएगा।

क्यों शुरू किया गया था यह प्रोग्राम
सरकारी स्कूलों में खराब परीक्षा परिणामों को सुधारने के लिए वर्ष 2014 में पहली से आठवीं तक के स्टूडेंट्स का सर्वे करवाया गया था। सर्वे के दौरान स्टूडेंट्स की पढ़ने, लिखने और बोलने का कौशल बेहद खराब पाया गया था। इस सर्वे के आधार पर सरकार ने 2014-15 में 280 में स्कूलों में लर्निग एनहांसमेंट प्रोग्राम शुरू किया था। इसमें उन स्कूलों को शामिल किया गया, जहां केवल पांच अध्यापक थे। इन शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई और उन्हें पढ़ाने के नए तरीके सिखाए गए। इसके बाद सत्र शुरू होने से पहले और बाद में दोबारा सर्वे हुआ। रिजल्ट बेहतरीन आया और फिर सरकार ने 2015-16 में प्रदेशभर में 3200 स्कूलों में यह कार्यक्रम शुरू किया। शुरुआत में केवल हिंदी और गणित विषय शामिल किए गए थे। वर्ष 2015 में इसमें अंग्रेजी भी शामिल की कर दी गई। 

कोट्स
पंचकूला जिला में 62 स्कूलों में लर्निंग एनहांसमेंट प्रोग्राम चलाया जा रहा था, जो सफल रहा। इसके तहत स्कूल के परिणामों में काफी सुधार आया है। अब यह प्रोग्राम जिले के सभी स्कूलों में चलाया जाएगा। जिला पंचकूला में धारा 134ए भी काफी सफल रही है। इसके तहत जिले के सभी प्राइवेट स्कूलों में 25 फीसदी गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी गई है।
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- सुजाता राणा, मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचकूला।
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