संवाद न्यूज़ एजेंसी
अमृतसर। शारदीय नवरात्र पर उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री दुर्ग्याणा तीर्थ के बड़ा श्री हनुमान मंदिर में सोमवार को लंगूर मेला शुरू हो गया। सुबह 4 बजे लंगूरी बाणा धारण करने वाले बच्चे मां-बाप के साथ मंदिर की परिक्रमा में पंडितों से पूजा करवाते नजर आए। पहले दिन करीब लंगूरी बच्चे और बजरंगी सेना की टोलियां ढोल की थाप पर नाचते मंदिर में माथा टेकने पहुंचे।
श्री हनुमान मंदिर के सेवादार संजय मेहरा ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन श्री हनुमान जी को गोटे वाले लाल लंगूरी वस्त्र धारण करवाए हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना पहला चोला सुबह और दूसरा बाद दोपहर को धारण करवाया जाएगा। तीन अक्तूबर तक चलने वाले लंगूरी मेले में बजरंगी सेना के लिए कमेटी ने अलग व्यवस्था की है। कमेटी की ओर से मंदिर में माथा टेकने आने वाले खासकर छोटे बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं।
मंदिर में विवाहित जोड़े संतान प्राप्ति की मांगते हैं मन्नत : पंडित सुनील
पंडित सुनील दत्त शर्मा ने कहा कि मेले की मान्यता यह है कि विवाहित जोड़े मंदिर में आकर संतान प्राप्ति की मन्नत मांगते हैं। उनकी मन्नत पूरी हो जाती है तो वह अपने बच्चे को लंगूरी बाणा पहनाकर मंदिर में सुबह शाम माथा टेकने लाते हैं। उन्होंने बताया कि यह परंपरा श्री राम के समय की है जब लव-कुश ने हनुमान जी को बरगद के पेड़ से बांधा था। उसके बाद श्री राम ने यहां आकर यह आशीर्वाद दिया कि जो कोई यहां संतान प्राप्ति के लिए मन्नत मांगेगा, उसकी मुराद पूरी होगी।