घग्गर पार की चार सोसायटियों के करीब 100 सदस्यों को दस साल बाद अपनी जमीन पर मालिकाना हक मिला है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की ओर से 2006 में सेक्टर-27 में सोसायटियों का ड्रॉ निकाला गया था। इसमें चार सोसायटियों के हाईटेंशन वायर के दायरे में आने पर अलॉटमेंट रोक दी गई थी।
अब हुडा ने इन सोसायटी के सदस्यों को सेक्टर-24 में जगह अलॉट कर दिया है। इनमें सोसायटी धारकों को विभाग ने प्लॉट नंबर-18, 19, 20 और 21 अलॉट किया है। इसके लिए विभाग की ओर से 18 मई, 2016 को ड्रॉ निकाला गया था।
कैसे मिला सोसायटी धारकों को मालिकाना हक
सोसायटी के लोगों को हक दिलाने के लिए अमर उजाला ने 14 जून और 20 जून 2013 के संस्करण में लोगों की आवाज को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद विभाग के अधिकारी हरकत में आए। 19 अगस्त, 2013 को विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सेक्टर-24 में जमीन अलॉट कर दी जाएगी। इसके लिए सुभाषिनी सोसायटी के प्रधान एससी नागपाल ने भी हुडा, प्रदेश के मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों को समय समय पर पत्र लिखते रहे थे।
हाईटेंशन लाइन के कारण अटका था मामला
हुडा अधिकारियों ने लापरवाही करते हुए इन चार सोसायटियों के लिए जिस जमीन का चयन किया था। उनके ऊपर से हाईटेंशन लाइन जा रही थी। इस कारण यह योजना खटाई में पड़ गई थी। हुडा के एस्टेट आफिसर की ओर से अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद फाइल 2013 में ही विभाग के उच्च अधिकारियों के पास मंजूदी के लिए भेज दी गई थी, लेकिन जमीन अलॉट होने में तीन साल लग गए।
कोट्स
करीब दस साल बाद जगह अलॉट हुई है। चार सोसायटी के 100 सदस्यों की प्लॉट हाईटेंशनवायर की वजह से अलॉट नहीं हो पाई थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया और लोगों को जमीन अलॉट हुई। इसके लिए विभाग के अधिकारियों का भी धन्यवाद।
-एससी नागपाल, प्रधान, सुभाषिनी सोसायटी, पंचकूला।