रेजिडेंट वेलफेयर के कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करतीं सांसद किरण खेर।
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के मकानों में लोगों ने जो बदलाव किए हुए हैं, वे सेफ नहीं हैं। आम लोगों के लिए नुकसानदायक इन बदलावों को कहीं से भी नीड बेस चेंज का नाम नहीं दिया जा सकता है। यही कारण है कि बोर्ड इन्हें हटाने के लिए ड्राइव चला रहा है। ये बातें सांसद किरण खेर ने रविवार को सेक्टर-43 के सामुदायिक केंद्र में आयोजित चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्रॉफेड) की मीटिंग को संबोधित करते हुए कहीं।
इस दौरान उन्होंने मीटिंग में उपस्थित लोगों की समस्याएं भी सुनीं और शीघ्र इन समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन दिया। खेर ने कहा कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड से लोगों ने पेमेंट करके ये मकान खरीदे थे। उन्होंने कहा कि पेमेंट के मुताबिक ही बोर्ड ने ये मकान बनाए हुए हैं, लेकिन बावजूद इसके पिछले कुछ सालों में लोगों ने इन मकानों में बदलाव कर लिए। उन्होंने कहा कि लोगों ने इसमें अतिरिक्त कमरे बना लिए गए और बॉलकोनी भी कई-कई फुट मकानों में निकाल ली गई। इसे नीड बेस चेंज नहीं कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक कुछ मामूली बदलाव ही मकानों में किए जा सकते हैं, जो इसके लिए हानिकारक न हो। उन्होंने कहा कि कोर्ट में भी प्रशासन को फटकार पड़ी, जिसके बाद ही इन मकानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। क्रॉफेड अध्यक्ष हितेश पुरी ने बताया कि इसमें सभी आरडब्ल्यूए ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रमुख रूप से कुत्तों के आतंक, मार्केट में अतिक्रमण और बढ़ते अपराध पर चर्चा की गई। इससे पहले महासचिव रजत मल्होत्रा ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मुद्दे पर बात की।
उन्होंने आवश्यकता-आधारित परिवर्तनों के नियमित करने के लिए वन-टाइम सेटलमेंट का भुगतान करके जनरल एमनेस्टी के लिए अनुरोध किया। उन्होंने अनुरोध किया कि प्रशासन को वार्षिक जुर्माना नहीं लगाना चाहिए और इसे रद्द करने के नोटिस नहीं जारी करना चाहिए। बैठक में पार्षद चंद्रवती शुक्ला बैठक में सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। उन्होंने सेक्टरों में गारबेज सेग्रीगेशन और इसके निपटान में आरडब्ल्यूए की भूमिका पर बात की।
पुलिस प्रणाली की होनी चाहिए समीक्षा
सांसद खेर ने स्वच्छ भारत अभियान पर चंडीगढ़ की रैंकिंग पर सुझाव दिया कि खाली पड़ी भूमि जिसका इस्तेमाल लोग कचरा फेंकने आदि में करते हैं उसे लैंडस्केपिंग कर एरिया को स्वच्छ व सुंदर रूप देना चाहिए। सांसद ने इस दौरान सदस्यों को आश्वासन दिया कि डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड को डेढ़ साल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें पुलिस प्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए और स्थानीय पुलिसकर्मी को पदोन्नति दी जानी चाहिए और यदि आवश्यक हो तो अधिकारियों को पंजाब और हरियाणा से 60:40 के अनुपात में लाया जाना चाहिए, न कि दूर के स्थानों और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों से इनकी यहां नियुक्ति की जानी चाहिए।