चंडीगढ़। आईएएस अशोक खेमका ने आज एक और टवीट किया है, जिससे अफसरशाही में असंतोष है। टवीट में खेमका ने कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को सिस्टम से उखाड़ फेंकना चाहिए। ऐसे अधिकारियों में ईमानदार लोगों का गला घोंटने और उन्हें उखाड़ फेंकने की क्षमता होती है। स्वतंत्रता दिवस से पहले उनका यह ट्वीट बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। हालांकि यह खेमका के निजी उदगार हैं, लेकिन सवाल अफसरशाही पर खड़ा हो रहा है।
देखा जाए तो हरियाणा में भी भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट लंबी है। कुछ के खिलाफ जांच चल रही है तो कुछ ठंडे बस्ते में हैं। कुछ फाइलें विजिलेंस के दफ्तर में पहुंचकर दम तोड़ देती हैं तो कुछ सरकार के दरबार में। ताजा घोटाला फरीदाबाद नगर निगम घोटाला है। इसमें भी कई आईएएस अधिकारी जांच की जद में हैं, लेकिन सरकार को आंखे दिखा रहे हैं।
हरियाणा का मनरेगा घोटाला किसी से छुपा नहीं है, लेकिन अफसर अभी भी मौज काट रहे हैं। लोकायुक्त की सिफारिश के बावजूद मनरेगा घोटाले के अधिकारी मलाईदार पदों पर हैं। एक अधिकारी को को तो रिटायरमेंट के बाद तोहफे के बावजूद पुर्ननियुक्ति तक दे दी गई है। इसके अलावा शराब घोटाला, एचसीएस भर्ती घोटाला आदि कई ऐसे घोटाले हैं, जिसमें आईएएस अधिकारी जांच की जद में हैं और जांच ठंडे बस्ते में है। रजिस्ट्री घोटाले को तो हाल ही में क्लीन चिट दी गई है।