फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कालका सराफा हत्याकांड : तीन को उम्रकैद, दो को दो-दो साल की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। कालका में सराफ शुभांशू हत्याकांड मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में अन्य दो आरोपियों को दो साल की सजा सुनाई गई है। इसमें हत्या, लूट, षड्यंत्र रचने की धाराओं के तहत इकबाल अहमद, मोहम्मद आबिद पर पांच-पांच लाख का जुर्माना और तीसरे आरोपी जगदीश राम को उम्रकैद की सजा सुनाकर ढाई लाख का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा धारा-411 (चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना) में नसीम बेगम, रामगोपाल वर्मा को दो-दो साल की सजा सुनाने के साथ दोनों पर दस-दस हजार का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शुभांशू हत्याकांड के तीनों हत्यारों को सजा सुनाकर कहा कि इस तरह किसी की दुकान में घुसकर लूटपाट करने का कृत्य बहुत ही शर्मनाक है। इसलिए इन्हें इस कृत्य के लिए कोई रियायत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि हत्यारे इकबाल अहमद, मोहम्मद आबिद, जगदीश राम से साढ़े बारह लाख की जुर्माना राशि वसूल होगी। यह राशि मृतक शुभांशू की मां को देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह राशि तीनों दोषियों की तरफ से जमा नहीं कराया गया तो इनको दो साल का अतिरिक्त कारावास दिया जाएगा। इसके अलावा इनके नाम अगर कोई संपत्ति है तो कोर्ट इसे अटैच कर देगा। इसकी बोली लगाकर वसूले पैसे शुभांशू की मां को दिए जाएंगे। अदालत में सबूत के तौर पर यह घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज केे अहम साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया था।
यह था मामला
दायर मामले के अनुसार शुभांशू वर्मा निवासी कालका की चार जुलाई को देर रात 11 बार सिर पर राड मारकर तीन दोषियों ने हत्या कर दी थी। कालका माता मंदिर की गली के पास उनकी दुकान से 50 लाख के गहने लूट लिए थे। दायर मामले के अनुसार 4 जुलाई 2016 की रात को इकबाल अहमद और मोहम्मद आबिद टिन की छत काटकर दुकान में घुसे। जब मोहम्मद आबिद ने शुभांशू को पकड़ लिया तो इकबाल अहमद ने उसके सिर पर 11 बार लोहे की राड से हमला कर दिया। दोषी दुकान की छत खोलकर 50 लाख के सोने के आभूषण लेकर भाग गए थे। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। कोर्ट में फुटेज महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर पुलिस की तरफ से पेश किया गया। जब शुभांशू 5 जुलाई को फोन नहीं उठा रहा था तो उसके पिता और भाई दुकान पर गए। उन्होंने शुभांशू को खून से लथपथ हालत में पाया। पिता उसे कालका के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस अपराध को क्रूरता के साथ अंजाम दिया गया था। इस मामले में कालका थाने में केस दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरविंद कंबोज को दी गई थी। जांच के दौरान पता चला कि इकबाल अहमद और आबिद एक ट्योटा इनोवा में आए थे। इसकी पहचान टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर छह लोगों को गिरफ्तार किया था। मृतक शुभांसू के भाई शिवम का कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिली है। हमारे साथ चार साल बाद न्याय हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें