नियुक्ति की मांग को लेकर नव चयनित जेबीटी टीचर्स ने रविवार को दोपहर साढ़े तीन बजे विधानसभा और सीएम हाउस का घेराव करने के लिए चंडीगढ़ की ओर मार्च किया। इस दौरान उन्हें पंचकूला और चंडीगढ़ बॉर्डर पर हाउसिंग बोर्ड चौक पर ही रोक लिया गया। टीचर्स को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
टीचर्स रोष प्रदर्शन करते हुए जैसे ही बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें की और डंडों का इस्तेमाल किया। लेकिन इस दौरान किसी को चोट नहीं आई है। गौरतलब है कि नव चयनित जेबीटी टीचर्स नियुक्ति की मांग को लेकर पंचकूला सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर करीब दो माह से धरने पर बैठे हुए हैं।
इस दौरान जेबीटी महिला टीचर्स की ओर से सर्व खाप पंचायत की राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष दहिया ने कहा कि हरियाणा सरकार एक ओर ‘बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ’ को लेकर प्रदेश के हर तबके के लोगों को जागरूक कर रही है। वहीं बीते दो साल से उसी राज्य में बेटियां सड़कों पर उतर कर सरकार से अपने हक की मांग कर रही हैं। इस दौरान उन्हाेंने बताया की हम सरकार के खिलाफ नहीं हैं और न ही देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ हैं, हम तो व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहे हैं।
पात्र अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा का कहना है कि वह सीएम और शिक्षा मंत्री के साथ-साथ प्रधानमंत्री से मिलकर अपनी मांगों का मेमोरेंडम देंगे। उन्होंने बताया कि 12731 जेबीटी टीचर्स की नियुक्ति के लिए मरते दम तक कोशिश करते रहेंगे और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाएंगे।
उन्होंने बताया की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए सिंगल बेंच की ओर से स्टे हटाने के बावजूद सरकार ने जो नियुक्ति को लेकर वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की ओर से जो वादे किए गए थे, उनको दो साल बाद भी पूरा नहीं किया गया है। स्टे हटने के बाद भी सरकार ने जेबीटी टीचर्स की नियुक्ति को लेकर कोई कदम नहीं उठाया, इस कारण पात्र अध्यापक संघ और 12731 नव चयनित जेबीटी टीचर्स में भारी रोष है। इसको लेकर रविवार को विधानसभा और सीएम हाउस का घेराव करने का फैसला लिया गया।