पंचकूला। पूरी तैयारी किए बिना ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-11 में प्लॉट काटकर लोगों से आवंटन के नाम पर पैसे तो ले लिए, लेकिन आज तक न तो लोगों को प्लॉट का कब्जा दिया गया, न वहां का क्षेत्र विकसित किया गया। प्राधिकरण आगे और प्लॉट बेचने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में प्लॉट खरीदने वाले लोग उपभोक्ता फोरम में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से अक्तूबर 2020 में सेक्टर-11 पुराने गांव छोटा हरिपुर मेें कुछ प्लॉट काटे थे। इनमें 4 प्लॉट 10 मरला, 8 प्लॉट आठ मरला के थे। इनमें दस मरला के प्लॉट की कीमत 1.65 से 2 करोड़ रुपये तक की कीमत थी, जबकि 8 मरले प्लॉट की कीमत 1.35 से लेकर 1.60 करोड़ रुपये थी। उस समय 4 प्लॉट 10 मरले के और आठ प्लॉट आठ मरले के खरीदारों की ओर से पूरी कीमत देने के बाद भी आज तक न तो आवंटितों को कब्जा दिया गया है, न ही इस क्षेत्र का विकास हुआ है। इतना ही नहीं खरीदारों को वहां कोई नक्शा पास करके नहीं दिया जा रहा है। जबकि, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से जारी अलॉटमेंट लेटर में साफ-साफ लिखा है कि यदि कब्जा मिलने में देरी होती है तो भुगतान की गई राशि का आधा परसेंट हर माह ब्याज खरीदार को मिलेगा। नियमानुसार, यदि आवंटितों को तय समय पर कब्जा नहीं मिलता है तो वे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से अपनी अदा की गई राशि पर ब्याज लेने के हकदार हैं।
विभाग की तरफ से बचे 12 प्लॉटों को बेचने की तैयारी जोरों से की जा रही है। इनमें 14 मरले के चार, 8 मरले के चार और 10 मरले के भी चार प्लॉट हैं। इन प्लॉटों की जगह भी अभी अविकसित है। प्लॉट खरीदने वालों का कहना है कि विभाग की ओर से बेचे प्लाटों के चारों और कंटीली तारें लगाकर कवर किया गया है। ऐसे में वह यह देख ही नहीं सकते कि उन्होंने जो प्लाट खरीदा है वह कौन सा है। खरीदारों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार विभाग को पत्र भी लिख चुके हैं। लेकिन, विभाग की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में अब उनके पास उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
जब इस मामले को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की संपदा अधिकारी ममता शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई मामला उनकी जानकारी में नहीं है। वह इस मामले को लेकर जल्द संबंधित विभागीय अधिकारियों से बात करेंगी और समस्या का समाधान करवाएंगी।