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Panchkula News: पिंजौर हत्याकांड में पुलिस कमिश्नर से तलब की जांच रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश

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पिंजौर हत्याकांड में पुलिस कमिश्नर से तलब की जांच रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
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कोर्ट ने विभागीय जांच और कस्टोडियल टॉर्चर रिपोर्ट मांगी
पिंजौर थाना व सीआईए की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश

संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर के चर्चित जितेश मनोचा उर्फ किट्टू हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों के पुलिस हिरासत के दौरान सिर मुंडवाने और प्रताड़ित किए जाने के आरोपों को कालका कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने पंचकूला पुलिस कमिश्नर को मामले की विस्तृत विभागीय जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कस्टोडियल टॉर्चर से संबंधित रिपोर्ट भी तलब की है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी का मीडिया ट्रायल या सार्वजनिक रूप से अपमान करना कानून के विरुद्ध है। न्यायालय ने कहा कि जांच एजेंसियों को हर स्थिति में कानून के दायरे में रहकर कार्य करना होगा।
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दूसरी पेशी में मुंडे मिले आरोपियों के सिर
पांच जून 2026 को पिंजौर थाना से कुछ दूरी पर मेन बाजार में दिनदहाड़े जितेश मनोचा उर्फ किट्टू की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में मनप्रीत सिंह उर्फ मणी, मनीष कुमार, खुशदीप सिंह उर्फ दीपी और रोहित मेहता को गिरफ्तार किया था। मामला तब चर्चा में आया जब आरोपियों को दूसरी बार अदालत में पेश किया गया। पहली पेशी के दौरान आरोपियों के सिर पर बाल थे, जबकि दूसरी पेशी में उनके सिर पूरी तरह मुंडे हुए थे। आरोपियों ने अदालत में आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की, जबरन सिर मुंडवाया और नंगे पैर सार्वजनिक स्थानों पर घुमाकर अपमानित किया।

मेडिकल बोर्ड ने की जांच
आरोपों के बाद अदालत ने सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में तीन डॉक्टरों और एक मनोवैज्ञानिक के मेडिकल बोर्ड से आरोपियों की जांच कराई। मेडिकल रिपोर्ट में खुशदीप, मनप्रीत और रोहित के शरीर पर तीन से पांच दिन पुराने चोटों के निशान मिले। हालांकि एक्स-रे जांच में किसी भी आरोपी की हड्डी टूटने की पुष्टि नहीं हुई।

पुलिस ने आरोपों से किया इन्कार
पुलिस ने अदालत में कस्टोडियल टॉर्चर के आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि छह जून को दो आरोपियों ने हिरासत से भागने का प्रयास किया था, जिसके दौरान उन्हें चोटें आईं। पुलिस के अनुसार हथियारों की बरामदगी और घटनास्थल की निशानदेही के लिए आरोपियों को सार्वजनिक स्थानों पर ले जाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा था।
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पुलिस ने यह भी बताया कि सिर मुंडवाने के मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है।

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश

अदालत ने पिंजौर थाना और सीआईए चंडीमंदिर की पांच से आठ जून तक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके। साथ ही आरोपियों की तत्काल रिहाई की मांग खारिज करते हुए उन्हें अरेस्ट मेमो, गिरफ्तारी के आधार और मेडिकल रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
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