एनडीपीएस के एक मामले में नियमित जमानत याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी का रवैया हैरान करने वाला बताते हुए आरोपी को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने कहा कि पहले जमानती, फिर गैर जमानती व गिरफ्तारी के आदेश के बावजूद जांच अधिकारी गवाही के लिए पेश नहीं हुआ। इस आदेश में जांच अधिकारी के बारे में की गई टिप्पणियों को पंजाब के डीजीपी को जानकारी के लिए भेजा जाए।
एनडीपीएस के एक मामले में नियमित जमानत याचिका दाखिल करते हुए बताया कि याची सुखविंदर सिंह के खिलाफ जून 2021 को लुधियाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस पैट्रोलिंग पार्टी के आरोप के अनुसार याची को नशे की व्यावसायिक मात्रा के साथ पकड़ा था। याची के खिलाफ 18 फरवरी को चार्ज फ्रेम किए जा चुके हैं। इसके बाद ट्रायल कोर्ट के कई समन के बावजूद जांच अधिकारी एएसआई सुरजीत सिंह पेश नहीं हुआ। ट्रायल कोर्ट ने पहले जमानती वारंट जारी किया लेकिन फिर भी जांच अधिकारी पेश नहीं हुआ। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए। वारंट के बावजूद जांच अधिकारी पेश नहीं हुआ। ट्रायल कोर्ट ने उनकी गवाही सुनिश्चित करने के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया लेकिन तब भी जांच अधिकारी पेश नहीं हुआ।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में वह जांच अधिकारी गवाही के लिए पेश नहीं हो रहा है जिसने केस को आरंभ किया था। इस मामले में आरोपी पर कोई अन्य एफआईआर नहीं है और पुलिस का रवैया यह विश्वास दिला रहा है कि आरोपी निर्दोष है। कोर्ट ने डेढ़ वर्ष की हिरासत की अवधि को आधार बनाते हुए याची को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा कि पुलिस के इस रवैये के बारे में डीजीपी को जानकारी होनी चाहिए। ऐसे में आदेश की प्रति हाईकोर्ट ने डीजीपी को सौंपने का आदेश दिया है।