चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में आरोपी को मानवीय आधार पर छह सप्ताह की अंतरिम जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने यह राहत आरोपी की पत्नी के हाल ही में बच्चे को जन्म देने और प्रसवोत्तर अवधि में उसकी देखभाल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दी।
जस्टिस संजय वशिष्ठ ने अपने आदेश में कहा कि जालंधर निवासी याचिकाकर्ता की पत्नी गर्भवती थी और 5 जनवरी को उसने एक बच्ची को जन्म दिया है। ऐसे समय में पत्नी को अपने सबसे करीबी साथी अर्थात पति की आवश्यकता होती है। साथ ही, नवजात शिशु और मां दोनों के स्वास्थ्य की उचित देखभाल के लिए पति का साथ अत्यंत आवश्यक है। आरोपी अजय कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दो माह की अंतरिम जमानत की मांग की थी। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की गई थी।
राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के कब्जे से 1,12,000 ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड यूएसपी 100 मिलीग्राम की गोलियां बरामद हुई थीं और वह कथित तौर पर एक बड़े ड्रग तस्करी गिरोह का हिस्सा है। राज्य ने यह भी तर्क दिया कि आरोपी की पत्नी अपने ससुराल और मायके वालों की देखरेख में है तथा जमानत मिलने पर आरोपी के फरार होने की आशंका है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक में 5 लाख रुपये एफडीआर के रूप में बैंक गारंटी जमा कराने का आदेश दिया।