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बीमा एजेंट परिवार ने दो लोगों से ठगे 4.13 लाख रुपये

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पंचकूला। बीमा पॉलिसी समेत अन्य प्रकार के झूठ बोलकर कई लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले चंडीगढ़ निवासी चार सदस्यीय परिवार ने अब पंचकूला के रहने वाले एक व्यक्ति से 3.75 लाख रुपये की ठग की है। यह आरोप उनकी ठगी का शिकार बने पंचकूला के सेक्टर-12 निवासी एवं सैलून के संचालक विकास कुमार ने लगाए हैं।
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विकास ने बताया कि आरोपियों ने उनके एक कर्मचारी से भी 38 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। आरोपी चंडीगढ़ के सेक्टर-46 सी के एक मकान में रह चुके हैं। ठगी का पता लगने पर जब विकास उनके बताए पते पर गए तो वहां मिले लोगों ने उन्हें बताया कि वे तीन वर्ष पहले मकान छोड़कर जा चुके हैं। विकास को बताया गया कि आरोपियों ने केवल उनसे ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी की है। आरोपियों के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस और कोर्ट में भी मुकदमे दायर होने की बात कही। आरोपियों की पहचान पंकज कमोत्रा, उसकी पत्नी, पिता प्यारे सिंह और मां के रूप में बताई।
विकास ने बताया कि वह एलआईसी एवं अन्य बीमा कंपनियों के एजेंट के रूप में काम करने वाले आरोपी पंकज कमोत्रा को सात वर्ष से जानते थे। उन्होंने बच्चों के लिए आरोपी से दस फरवरी 2018 को तीन दैनिक भुगतान पॉलिसी ली। पॉलिसी की मैच्योरिटी डेट 11 फरवरी 2020 थी। आरोपी पंकज कमोत्रा प्रति पॉलिसी के एक सौ रुपये के हिसाब से विकास से रोजाना तीन सौ रुपये ले जाता था। तीनों पॉलिसी का मैच्योरिटी अमाउंट 2.40 लाख रुपये विकास को 11 फरवरी, 2020 को मिलने थे। आरोपी समेत उसकी पत्नी, मां-बाप उनके सैलून पर आकर उनसे रोजाना तीन सौ रुपये ले जाते थे।
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मैच्योरिटी डेट से पहले ठगी का पता लगा
शिकायतकर्ता ने आरोपी पंकज कमोत्रा को दो वर्ष की मैच्योरिटी को एक वर्ष पहले छुड़वाने को कहा, तो आरोपी ने उनके पास आना-जाना ही बंद कर दिया। फोन पर भी आरोपी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। शक होने पर विकास ने चंडीगढ़ के सेक्टर-40, डी स्थित आदर्श कोऑपरेटिव बैंक जाकर अपनी सभी पॉलिसी के संबंध में जानकारी ली। तो पता लगा कि सभी पॉलिसी में ब्याज सहित कुल राशि 16,400 रुपये ही जमा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए कि चारों आरोपियों ने झूठे दस्तावेज तैयार कर उन्हें झूठ बोलकर उनसे जालसाजी की। विकास को पता लगा कि आरोपी प्यारे सिंह दस्तावेज प्रिंटिंग का काम करता है। आरोप हैं कि वह गैर कानूनी तरीके से बैंक की पासबुक व रसीदें छापता है। आरोपियों ने विकास के कर्मचारी संजय कुमार से भी उन्हें बीमा पॉलिसी का झांसा देकर 38 हजार रुपये ठगे।
पिता की बीमारी बताकर लिए 1.35 लाख रुपये
आरोपी पंकज कमोत्रा, उसकी पत्नी व एक अन्य आरोपी ने 15 अप्रैल, 2019 को विकास से उनके सैलून पर आकर प्यारे सिंह के गंभीर बीमारी के कारण पीजीआई में भर्ती होने की बात कही। आरोपियों ने पैसों की जरूरत बताकर विकास से 1.35 लाख रुपये लेकर उन्हें पंद्रह दिन में लौटाने को कहा। गारंटी के तौर पर उन्होंने विकास को बैंक का बिना हस्ताक्षर किया खाली चेक दिया। बहरहाल, सेक्टर-5 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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