कोरोना संकट के कारण पंजाब की जेलों में कैदियों की संख्या सामर्थ्य से कम रखने के लक्ष्य के तहत पंजाब सरकार ने अच्छे व्यवहार वाले कैदियों को लेकर अस्थाई रिहाई संशोधन अध्यादेश जारी किया है।
यह खुलासा जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किया है। उन्होंने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि इस अध्यादेश के जारी होने से कैदियों को एक कैलेंडर वर्ष में अस्थाई पैरोल के लिए 16 हफ्तों की अधिकतम अवधि के बाद भी आज्ञा दी जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है, क्योंकि कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए राज्य की जेलों में कैदियों की डिस्टेंसिंग के को बरकरार रखा जा सके। उन्होंने बताया कि कोविड संकट की शुरुआत में पंजाब सरकार ने कुछ कैदियों को अस्थायी पैरोल दी थी।
उन्होंने कहा कि इस महामारी के चलते अब इस अध्यादेश को लाने से कैदियों को एक कैलेंडर वर्ष में अस्थायी पैरोल के लिए 16 हफ्तों की अधिकतम अवधि के बाद भी आज्ञा दी जा सकेगी। जेल मंत्री ने बताया कि इस अध्यादेश के तहत प्रत्येक त्रैमासिक आधार पर अस्थायी रिहाई की शर्त भी माफ कर दी गई है।