पंचकूला मेयर चुनाव : देवीलाल के समय से पार्टी से जुड़े पुराने दिग्गज को मिला मौका
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम चुनावों के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने वीरवार को पंचकूला मेयर पद के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान इनेलो के वरिष्ठ नेता और वर्तमान प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल को पंचकूला से मेयर पद का उम्मीदवार घोषित किया है।
पुराने और वफादार चेहरे पर भरोसा
64 वर्षीय मनोज अग्रवाल इनेलो के उन चुनिंदा नेताओं में से हैं जो ताऊ देवीलाल के समय से दल के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। पंचकूला की जमीनी राजनीति में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। मूलरूप से अंबाला के अधोया (बराड़ा) निवासी अग्रवाल लंबे समय से पंचकूला की सक्रिय राजनीति और सामाजिक कार्यों में शामिल रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनकी बेदाग छवि और व्यापारियों के बीच पैठ को देखते हुए ही अभय चौटाला ने उन पर भरोसा जताया है। अभय चौटाला ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के फीडबैक और उम्मीदवार की जमीनी पकड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
छात्र जीवन से लेकर संगठन तक
छात्र जीवन से लेकर संगठन तक का लंबा सफर मनोज अग्रवाल की शिक्षा-दीक्षा पंचकूला और चंडीगढ़ से हुई है। उन्होंने श्री जैनेंद्रा गुरुकुल से दसवीं और 1981 में पंजाब यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल की। राजनीतिक सफर की बात करें तो वे जिला महासचिव और प्रेस प्रवक्ता जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। वर्तमान में वे पार्टी के पंचकूला जिलाध्यक्ष (शहरी) और प्रदेश कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राजनीति में आने से पहले वे एफएमसीजी सेक्टर में एक सफल वितरक के रूप में भी जाने जाते थे।
सियासी गणित : एक ही वोट बैंक में सेंधमारी की चुनौती?
पंचकूला मेयर चुनाव में इनेलो द्वारा मनोज अग्रवाल को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि भाजपा के श्याम लाल बंसल और इनेलो के मनोज अग्रवाल के बीच वोटों का बंटवारा हो सकता है।
वोटों के ध्रुवीकरण की मुख्य वजहें
बिरादरी का समीकरण से देखें तो दोनों ही उम्मीदवार अग्रवाल समाज से आते हैं। शहर के बनिया और व्यापारिक वोट बैंक पर दोनों की ही मजबूत पकड़ मानी जा रही है। ऐसे में इस परंपरागत वोट बैंक में विभाजन तय माना जा रहा है।
व्यापारी वर्ग के झुकाव की बात करें तो मनोज अग्रवाल स्वयं पूर्व में डिस्ट्रीब्यूटर रहे हैं और व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रहे हैं। वहीं श्याम लाल बंसल की भी व्यापारियों में पैठ है।
शहरी वोट बैंक के लिहाज से दोनों नेता लंबे समय से पंचकूला की शहरी राजनीति में सक्रिय हैं, जिससे निष्ठावान मतदाताओं के बीच असमंजस की स्थिति बन सकती है।
जानकारों का मानना है कि यदि अग्रवाल समाज के वोटों में सेंध लगती है, तो इसका सीधा असर हार-जीत के अंतर पर पड़ेगा। इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा।
ये रहे मौजूद
प्रेसवार्ता में जुटे दिग्गज उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सतबीर सैनी, पंचकूला जिलाध्यक्ष सितेंद्र टोनी और सीमा चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
मनोज अग्रवाल का परिचय
उम्र: 64 वर्ष
शिक्षा: स्नातक (पंजाब यूनिवर्सिटी, 1981)
गोत्र: अग्रवाल बनिया (बंसल)
राजनीतिक अनुभव- ताऊ देवीलाल के समय से सक्रिय, पूर्व जिला महासचिव, वर्तमान प्रदेश कोषाध्यक्ष।
ताकत, पंचकूला शहरी क्षेत्र में मजबूत पकड़ और व्यापारिक संगठनों में प्रभाव।