फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में उद्योग के मिले 2900 प्रस्ताव, 1450 ने लगाए : अरोड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब में उद्योग लगाने के लिए अब तक 2900 प्रस्ताव मिल चुके हैं। इनमें 1450 उद्यमियों ने स्वीकृति के बाद यहां उद्योग भी स्थापित कर दिए हैं। यह दावा राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने किया है। उन्होंने कहा है कि पिछले चार साल में 20 विदेशी फर्मों ने यहां औद्योगिक इकाइयां स्थापित की हैं।
विज्ञापन

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने वीरवार को उद्योगों के लिए बिजली की कमी संबंधी विरोधी पार्टी नेताओं के बयानों को हास्यास्पद और बेवजह बताते हुए कहा है कि पंजाब में उद्योग के लिए सजग माहौल है और बिजली की कोई कमी नहीं है। चार साल के समय दौरान अब तक लगभग 91 हजार करोड़ रुपये का राज्य में निवेश हो चुका है। पंजाब में उद्योगों के लिए राइट टू बिजनेस एक्ट और सिंगल विंडो प्रणाली लागू की है, जिससे उद्योगों के मामलों को निर्धारित समय के अंदर-अंदर एक ही छत के नीचे पूरा किया जाता है।
अरोड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से उद्योगों को जायज रेट पर 5 रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जा रही है। राज्य सरकार उद्योगों को 24 घंटे बिजली मुहैया करवा रही है और सरकार की तरफ से साल 2018 से 2021 तक 3669 करोड़ रुपये की सब्सिडी उद्योगों के लिए दी जा चुकी है।
विज्ञापन

‘योगी का बयान राजनीतिक’
सुंदर शाम अरोड़ा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के पंजाब में बिजली की कमी होने वाले बयान को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि योग बिना तथ्य जाने बयान देने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, जो सिर्फ राजनीति से प्रेरित होते हैं। वह पहले भी मालेरकोटला को जिला बनाए जाने के मौके पर भी बेतुका बयान दे चुके हैं।
कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के कारण पंजाब के उद्योग दूसरे राज्यों की ओर जा रहे हैं, क्योंकि कैप्टन सरकार उद्योगों को बिजली और अन्य सुविधाएं प्रदान करने में फेल हुई है। राज्यों में पहले बादलों के 10 साल के राज में वसूले जाते अलग-अलग तरह के गुंडा टैक्सों से उद्योगपति और व्यापारी परेशान हो रहे थे और अब कैप्टन की कांग्रेस सरकार भी बादलों के रास्ते पर चल रही है।
- भगवंत मान, प्रदेश अध्यक्ष, आप
उद्योग मंत्री बिजली की कमी होने तथा सस्ती बिजली की आपूर्ति के बारे में झूठ बोल रहे हैं। पंजाब के उद्योगपति उत्तरप्रदेश में जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए मजबूर हो रहे हैं। सच्चाई यह है कि पंजाब केे उद्योगपति आज बेहद परेशान हैं, इसलिए अपना व्यापार बचाने के लिए पंजाब से बाहर अपनी इकाइयां दोबारा स्थापित करने वाली जगह खोज रहे हैं।
विज्ञापन

- एनके शर्मा, प्रदेश प्रधान, व्यापार और उद्योग विंग, शिअद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें