चंडीगढ़। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल हरियाणा के 8 जिलों के उद्योगों को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण अनापत्ति प्रदान लेने में छूट दी है। इन जिलों में अभी तक सीएनजी, पीएनजी व एलपीजी की पाइपलाइन नहीं पहुंची है, इसलिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आग्रह पर केंद्र सरकार ने राहत देने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री प्रकाश जावडे़कर के साथ उनके निवास पर मुलाकात की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में पर्यावरण से संबंधित हरियाणा के विभिन्न विषयों के संदर्भ में बातचीत हुई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में अब कोयला व अन्य परंपरागत उर्जा स्रोतों के स्थान पर सीएनजी, पीएनजी व एलपीजी का उपयोग करना होगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत हरियाणा के 8 जिलों में अभी तक सीएनजी, पीएनजी व एलपीजी आपूर्ति की पाइपलाइन नहीं पहुंची है। हालांकि, कार्य प्रगति पर है। इसलिए छूट मांगी गई थी।
मनोहर ने कहा कि यमुनानगर जिले में लंबे समय से स्थापित 15 फार्मल्डीहाइड औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरणीय अनापत्ति भी शीघ्र प्रदान कर दी जाएगी ताकि ये इकाइयां निर्बाध रूप से चलती रहें।