उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी से जुड़ी फाइल को पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से फिर तलब किया गया है। मुख्यमंत्री ने पंजाब के डीजीपी से रोपड़ जेल में करीब दो साल तक तीमारदारी करने वाले पिछली कांग्रेस सरकार के नेता और जेल विभाग के अफसरों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
आम आदमी पार्टी सरकार ने अंसारी को खास सुविधाएं देने के मामले की जांच एडीजीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी है। करीब दो माह पूर्व सरकार इसको लेकर हरकत में आई थी, लेकिन मामले में किसी तरह की कार्रवाई न होने पर सीएमओ पंजाब की ओर से एक बार फिर इस मामले में विस्तृत जानकारी और स्टेटस रिपोर्ट तलब की गई है।
उल्लेखनीय है कि यह मामला पंजाब विधानसभा के सत्र में भी गूंज चुका है। इस दौरान जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सवाल उठाया था कि यूपी के बाहुबली नेता अंसारी को रोपड़ जेल में क्यों रखा गया और उसे वीआईपी ट्रीटमेंट क्यों दिया गया। करीब दो माह पहले सीएम भगवंत मान सरकार ने मुख्य सचिव के जरिये इसका जवाब मांगा था, लेकिन पंजाब पुलिस द्वारा इस मामले में कोई जानकारी मुहैया नहीं करवाई गई है।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री भगवंत मान, जेल मंत्री हरजोत सिंह बैंस और जेल विभाग के आला अफसर इस मामले में बैठक कर चुके हैं। इस दौरान एडीजीपी स्तर के एक अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। इसमें अंसारी को जेल मैन्युअल के अतिरिक्त किस तरह की सुविधाएं मुहैया कराई गईं और ये सुविधाएं देने में कौन-कौन नेता और जेल विभाग के अफसर शामिल रहे हैं, इसका पता लगाने के निर्देश दिए गए थे।
गौरतलब है कि पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के समय अंसारी को रोपड़ जेल में दो साल तीन महीने तक ऐसी बैरक में रखा गया, जहां 25 कैदी रह सकते थे। उस बैरक में अंसारी को वीआईपी सुविधाएं दी गईं और उसकी पत्नी भी साथ रही। इस मामले ने पंजाब में उस समय तूल पकड़ा जब कैप्टन सरकार में अंसारी की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की खातिर नियुक्त वकील की 55 लाख रुपये फीस अदा करने की जिम्मेदारी आप सरकार पर आ गई। आप सरकार ने साफ कहा था कि वह किसी अपराधी के लिए जनता का पैसा बर्बाद नहीं करेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने मामले की जांच कराने का एलान भी कर दिया था।
यूपी सरकार ने 26 बार की थी प्रोडक्शन वारंट पर लेने की कोशिश
आप सरकार के जेल मंत्री हरजोत बैंस ने सदन में खुलासा किया था कि अंसारी को फर्जी एफआईआर दर्ज करके दो साल तीन महीने तक पंजाब की जेल में रखा गया, जबकि उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए यूपी सरकार ने 26 बार कोशिश की, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इस तरह पंजाब की पूर्व कांग्रेस सरकार ने अंसारी को यूपी पुलिस और सरकार से बचाए रखा। गौरतलब है कि अंसारी पर पंजाब में मोहाली के बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप था। उसे पंजाब पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर मोहाली लेकर आई थी। 24 जनवरी 2019 को कोर्ट में पेश कर उसे रोपड़ जेल में भेज दिया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले साल अप्रैल में उसे पंजाब से उत्तर प्रदेश पुलिस ले गई थी।