कालका। अगस्त में हिमाचल प्रदेश में हुई तेज बारिश का असर अब भी कालका-शिमला हेरिटेज रेल सेक्शन पर दिखाई दे रहा है। जगह-जगह मिट्टी धंसने और बहने से रेलवे ट्रैक और पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पुल संख्या-57 और 58 के आसपास स्थिति ज्यादा खराब है। इसके चलते कालका से धर्मपुर तक रेल सेवा प्रभावित है और रेलवे की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है।
शनिवार को अमर उजाला की टीम ने ग्राउंड जीरो पर करीब एक किलोमीटर हिस्से में स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त मिला। कहीं ट्रैक के नीचे की मिट्टी और गिट्टी पूरी तरह बह चुकी थी तो कहीं रेलवे का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था।
पुल संख्या-57 के पास हवा में झूल रहा ट्रैक
पुल संख्या-57 के पास ट्रैक के नीचे की मिट्टी, गिट्टी और सहायक ढांचा पूरी तरह बह चुका है। इसके चलते नैरो गेज रेलवे ट्रैक का बड़ा हिस्सा हवा में लटका दिखाई दिया। ट्रैक के नीचे गहरी खाई नजर आ रही थी। रेलवे की ओर से इस हिस्से को दुरुस्त करने का काम जारी है।
पुल संख्या-58 के पास पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त
पुल संख्या-58 के पास बारिश से रेलवे के ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। यहां पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। मौके पर रेलवे की ओर से जेसीबी लगाकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। क्षतिग्रस्त क्षेत्र को समतल करने के साथ पिलर तैयार करने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे हैं।
कुछ दूरी पर फिर बह गई ट्रैक के नीचे की मिट्टी
पुल संख्या-57 और 58 से कुछ दूरी पर भी ट्रैक का हिस्सा हवा में झूलता मिला। यहां भी नीचे की मिट्टी बह चुकी है। करीब एक किलोमीटर के हिस्से में तीन स्थानों पर नुकसान हुआ है और सभी जगह मरम्मत कार्य चल रहा है।
30 सितंबर तक कई ट्रेनें रद्द
रेलवे ने ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण ट्रेनों के रद्दीकरण और शॉर्ट टर्मिनेशन की अवधि 30 सितंबर तक बढ़ाई है। कालका-शिमला के बीच कई अप और डाउन ट्रेनें रद्द हैं। ट्रेन संख्या 52453 धर्मपुर से चलेगी और धर्मपुर-कालका के बीच रद्द रहेगी। ट्रेन संख्या 52454 धर्मपुर तक संचालित होगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त ट्रैक और ढांचे की बहाली का काम जारी है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही रेल संचालन सामान्य हो सकेगा।