आगरा के 21 कारीगर दो महीने से जुटे, 70 क्विंटल से अधिक बांस से बन रहे पुतले
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। दशहरे को लेकर कालका की अनाज मंडी में तैयारियां जोरों पर हैं। भारत नाटक क्लब की ओर से आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में इस बार 75 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। वहीं मेघनाद और कुंभकरण के 65-65 फीट ऊंचे पुतले तैयार किए जा रहे हैं। तीनों पुतलों के निर्माण में 70 क्विंटल से अधिक बांस का इस्तेमाल हो रहा है। इन्हें भव्य रूप देने के लिए आगरा से आए 21 कारीगर पिछले दो महीने से जुटे हैं। इसके अलावा 15×15 फीट की लंका भी तैयार की जा रही है।
राम भक्त राजीव जिंदल, अवी गोयल और हर्ष जिंदल ने बताया कि दशहरे पर रावण दहन के साथ रंगारंग कार्यक्रम और आकर्षक आतिशबाजी होगी। मेले में खाने-पीने के स्टाल भी लगाए जाएंगे, ताकि शहरवासी परिवार सहित उत्सव का आनंद ले सकें।
चौथी पीढ़ी संभाल रही पुतले बनाने की परंपरा
कारीगर बादशाह कुरैशी अली ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से पुतले बनाने की कला से जुड़ा है। वह इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाली चौथी पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं। हर साल दशहरे के लिए पुतले तैयार करना उनके परिवार की परंपरा का हिस्सा है।