कालका। सिद्ध पीठ श्री काली माता मंदिर के प्रांगण में स्थित शिवालय में जल चढ़ाने को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति है। कोरोना का असर श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा अर्चना पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में भक्तों की समझ में भी नहीं आ रहा है कि तैयारियां किस तरह से की जाए। प्रशासन द्वारा उनको कितनी छूट दी जाएगी, इस को लेकर उधेड़बुन की स्थिति है। बिना जलाभिषेक भोलेनाथ की पूजा अर्चना कैसे पूरी होगी।
सावन माह में भारी संख्या में श्रद्धालु काली माता मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। मंदिर प्रांगण में स्थित शिवालय की पूजा अर्चना कर जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना करते हैं। लेकिन वैश्विक बीमारी कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल श्रद्धालु को कुछ नियमों व शर्तों के अनुसार मंदिर में दर्शन की अनुमति दी गई है। प्रशासन द्वारा एक नियम यह भी जारी किया गया है कि मंदिर में स्थित शिवालय पर जल चढ़ाना मना है।
जल चढ़ाना माना जाता है फलदायी
हिंदू धर्म में सावन माह का बहुत महत्व है। श्रावण मास को मनोकामनाएं पूरा करने का महीना भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान भोलेनाथ को यह महीना बहुत प्रिय है। जो भी भक्त सावन माह में पूरे विधि विधान से शंकर भगवान की पूजा करते हैं, उन पर भोलेनाथ की विशेष कृपा होती है। सावन का पहला सोमवार 6 जुलाई को है। श्रावण मास की शुरूआत भी इसी दिन से हो रही है। हिंदू मान्यता के अनुसार सावन के सोमवार पर शिवलिंग की पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। बेल पत्र से भगवान भोलेनाथ की पूजा करना और उन्हें जल चढ़ाना बहुत फलदायी माना जाता है। शिव भक्त प्रदीप, सचिन ने मांग की है कि नियम और शर्तों के साथ सावन माह में शिवलिंग पर जल चढ़ाने की अनुमति दी जाए।
शिव भक्तों ने मांगी श्रृंगार करने की अनुमति
सावन माह में कालका के शिव भक्त कई वर्षों से पूरे सावन माह में उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर काली माता मंदिर स्थित शिवलिंग का श्रृंगार करते हैं। रोजाना शिवलिंग को एक नया रूप प्रदान कर पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर सचिव को एक मांग पत्र सौंपकर सावन माह में हर बार की तरह इस बार भी शिवलिंग के श्रृंगार करने की अनुमति देने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है श्रृंगार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और मंदिर की समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
शिव भक्तों द्वारा उन्हें एक मांग पत्र दिया गया है, जिसे उन्होंने मंदिर सीईओ को सौंप दिया है। उस पर बातचीत भी हुई है। जल्द ही सावन माह में शिवालय पर जल चढ़ाने और शिवलिंग के श्रृंगार को लेकर उच्चाधिकारियों से बातचीत कर जो फैसला आएगा बता दिया जाएगा। - पृथ्वी, मंदिर सचिव