पंचकूला। सेक्टर-5 रामलीला ग्राउंड में आयोजित सरस मेला आखिरकार अपनी मूल राह पर लौट आया। मेले में एक ही स्टाल पर तीन-तीन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उत्पाद लगाने पड़ रहे थे। इस कारण उन्हें सामान बेचने में बेहद परेशानी हो रही थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने मेले की अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए। विभाग ने महिलाओं के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध कराया और कई स्टालों की व्यवस्था सुधारी। विभाग की त्वरित कार्रवाई से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्टालों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया और परेशानियों को जमीनी स्तर पर जांचा।
मेले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को इस बार काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। महिलाओं का कहना था कि इस बार मेले की व्यवस्था अपने मूल स्वरूप से भटक गई है। हस्तनिर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लगाए जाने वाला यह मेला प्रबंधन की भेंट चढ़ता नजर आ रहा था। कई महिलाओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया था कि इस बार उनके लिए निर्धारित स्थान कम कर दिया गया है। सीमित स्टालों के कारण दो-दो महिलाओं को एक ही स्टॉल में सामान लगाने को मजबूर होना पड़ रहा था। जिससे उनके उत्पाद ठीक से प्रदर्शित नहीं हो पा रहे थे, बल्कि ग्राहकों का ध्यान भी बड़े और महंगे स्टॉलों की ओर खिंच जा रहा था। महिलाओं का कहना था कि उनके हस्तनिर्मित सामान बड़ी दुकानों के बीच दबकर रह गए जिससे उनकी बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि वे मंच पर खुलकर कुछ कह नहीं सकीं, लेकिन दबी आवाज में उन्होंने नाराजगी जताई थी कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो मेले का उद्देश्य प्रभावित हो जाएगा। उन्होंने दबी जुबान में विभाग और अमर उजाला दोनों का धन्यवाद भी किया। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि यदि आगे भी इसी तरह सहयोग मिलता रहा, तो सरस मेला वास्तव में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का लक्ष्य और प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेगा।
-कोट
सरस मेले में महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी और दर्शकों की बढ़ती रुचि से हमारी मेहनत सफल हुई। हमारी मेहनत का नतीजा है कि मेला दर्शकों को पसंद आ रहा है। लोग न केवल खरीदारी कर रहे हैं बल्कि तारीफ भी कर रहे हैं। महिला दुकानदारों की संख्या अधिक होने के कारण पहले जो समस्याएं सामने आई थीं उनका समाधान करवा दिया गया है। यह मेला समूह की महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनकी आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ही आयोजित किया जाता है।
-राहुल यादव, प्रोग्राम मैनेजर, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन