नकोदर में कारोबारी भूपिंदर सिंह उर्फ टिम्मी चावला और पुलिस मुलाजिम की हत्या के मामले को सुलझाने की दिशा में पुलिस ने कदम बढ़ा दिया है। पुलिस जेल से तीन गैंगस्टरों मोनू डागर, यासिन मोहम्मद और करमजीत सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। इनसे पूछताछ में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। जिस व्यक्ति ने फिरौती के लिए कॉल की थी, उसकी पहचान कर ली गई है।
वहीं, इस मामले में तीन लोगों को राउंडअप कर लिया है। एक आरोपी के खाते में विदेशों से पैसे तक भी आए थे। सोमवार को पंजाब पुलिस मुख्यालय में आईजी हेडक्वार्टर सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि जल्द ही मामला हल कर लिया जाएगा। नकोदर सिटी थाने से महज 300 मीटर दूर बुधवार को पांच गैंगस्टरों ने रंगदारी न देने पर 39 वर्षीय कपड़ा व्यापारी भूपिंदर सिंह उर्फ टिम्मी चावला और उनके गनमैन मनदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस के मुताबिक हमलावर बिना नंबर की दो बाइक पर आए थे। टिम्मी चावला को सात जबकि मनदीप सिंह को चार गोलियां लगी हैं। टिम्मी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनदीप सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ा था। कपड़ा व्यापारी के प्रत्यक्षदर्शी 70 वर्षीय पिता मोहिंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि दुकान बंद करने के बाद वे रात को अपनी ब्रेजा कार में बैठने लगे थे। इससे पहले गनमैन मनदीप सिंह और उनका बेटा टिम्मी गाड़ी में बैठ चुके थे। इसी बीच तीन हमलावरों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।