हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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हरियाणा सरकार की कई योजनाएं दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन गई हैं। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) की अनोखी योजना को और उत्तराखंड के बाद जम्मू-कश्मीर भी अपना रहा है। इस कड़ी में उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने गत दिनों हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में परिवारों का प्रामाणिक, सत्यापित और विश्वसनीय डाटाबेस तैयार करने के लिए डिजिटल जम्मू-कश्मीर दृष्टि पत्र जारी किया है। इसके तहत हरेक परिवार को ‘जेके फैमिली आईडी’ नाम से एक अनूठा कोड दिया जाएगा।
कोड में हरियाणा की तरह अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर और गणित के अंक शामिल होंगे। भारतीय नागरिकों की विशिष्ट पहचान के लिए केंद्र सरकार ने 12 अंकों के आधार कार्ड को अहम दस्तावेज बनाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के अलग से नागरिक संसाधन सूचना विभाग सृजित कर 8 अंकों का परिवार पहचान पत्र बनाया है, जिसमें परिवार के हर सदस्य की जानकारी है। वहीं, 8 अंकों में तीन नंबर अंग्रेजी वर्णमाला और आधार में सभी नंबर गणित संख्यात्मक हैं। उत्तराखंड ने परिवार पहचान पत्र को 14 अंकों का बनवाने का निर्णय लिया है।
हरियाणा परिवार पहचान पत्र अधिनियम, 2021 के तहत सेवाओं व योजनाओं को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ने के लिए अंत्योदय प्लेटफार्म पर आवेदन करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। इस पहल से हरियाणा सही मायनों में देश के समक्ष अंत्योदय का रोल मॉडल बनकर उभरा है और इस कड़ी में परिवार पहचान पत्र एक अहम दस्तावेज बना है।
परिवार पहचान पत्र का उद्देश्य राज्य में रह रहे परिवारों के लिए एक व्यापक, विश्वसनीय और सटीक डाटाबेस तैयार करना है। कोई भी परिवार जो वर्तमान में हरियाणा में रह रहा है, उसको परिवार पहचान पत्र में पंजीकरण करना अनिवार्य है। स्थाई रूप से रहने वाले परिवारों को आठ अंकों का पीपीपी जारी किया जाएगा। इसी प्रकार कोई परिवार हरियाणा से बाहर रह रहा है परंतु राज्य की किसी सेवा या स्कीम के लिए आवेदन कर रहा है तो उसको भी पीपीपी में पंजीकरण करना होगा। ऐसे परिवारों को नौ अंकों का अस्थाई परिवार पहचान जारी की जाएगी।