संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5 इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित पुस्तक मेले में शनिवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सहयोग से कार्यशाला और विचार-विमर्श का आयोजन किया गया। प्रकृति, खेती समय की मांग विषय पर आयोजित कार्यशाला में लोगों ने उत्साह से शिरकत की। इस अवसर पर किताबों की महत्ता पर सुकरात के विचारों का उल्लेख कर डॉ. अलाउद्दीन ने बताया कि सुकरात ने कहा था जिस घर में किताबें नहीं होती, वे मुर्दाघर के समान हैं।
यदि अच्छी बातें करनी हैं, जीवन में मिठास भरना है, तो हमें किताबें पढ़नी चाहिए। इंटरनेट के दौर में किताबों की महत्ता कम नहीं हो सकती, इंटरनेट का सर्वर डाउन हो सकता है पर शेल्फ में पड़े किताबों का नहीं। किताब मनुष्य को अच्छा इंसान बनाता है और अच्छा इंसान कभी भी अपनी धरती के साथ नाइंसाफी नहीं करेगा। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अपना शुभकामना संदेश भेजकर कहा कि किताब मनुष्य को सबसे सच्ची दोस्त है। पुस्तकें हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुस्तकें ज्ञान की सच्ची मित्र होती हैं। ये हमारे जीवन में प्रेरणा, सीख और मनोरंजन का स्रोत बनती हैं।
पुस्तकें हमारे सपनों को पंख देती है। पुस्तक मेले में भागीदारी निभाने वाले सभी सांस्कृतिक, प्रतिभागियों, कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। समापन समारोह में स्वच्छ पंचकूला सुंदर पंचकूला विषय पर विमर्श एवं कार्यशाला का आयोजन होगा।