चंडीगढ़। पंजाब सरकार के स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने प्रदेश के सभी दुकानदारों के लिए बिना जुर्माने के ट्रेड लाइसेंस फीस जमा करवाने की वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की थी, जो 30 जून को खत्म होने जा रही है। दो दिन के अंदर दुकानदार इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं, नहीं तो विभाग जुर्माने के साथ ही पूरी लाइसेंस फीस वसूल करेगा। इसके अलावा जिन दुकानदारों ने विभाग के साथ खुद को पंजीकृत नहीं किया था, उनको भी बिना जुर्माने के पंजीकरण करवाने के लिए फीस भरने की सुविधा दी थी। अब यह राहत भी खत्म होने जा रही है। स्थानीय शहरी निकाय विभाग के निदेशक उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के सभी दुकानदारों के लिए दो माह पहले वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की थी, जिसका दुकानदारों को काफी फायदा हुआ है। अब इस स्कीम में दो दिन बाकी रह गए थे, क्योंकि विभाग फिलहाल इसे आगे बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहा है। जो दो दिन के अंदर बिना जुर्माने के अपनी फीस जमा नहीं करवाएंगे तो विभाग की तरफ से जुर्माने के साथ ही लाइसेंस फीस वसूली जाएगी। साथ ही पंजीकरण न करवाने वाले दुकानदारों को भी जुर्माने के साथ ही पूरी राशि देनी होगी।
ट्रेड लाइसेंस में केवल दुकानदार ही नहीं बल्कि अस्पताल, मॉल, बैंक, होटल, रेस्टोरेंट, जिम समेत वह हर उपभोक्ता शामिल है, जो कारोबार करता है। ऐसे में सभी कामर्शियल काम करवाने वाले को स्थानीय निकायों के साथ अपना पंजीकरण करवाकर ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना होता है। फीस जमा करवाने के साथ इसे रिन्यू भी करवाना होता है। पंजाब नगर निगम एक्ट 1776 व पंजाब म्युनिसिपल एक्ट 1911 के अंदर ही इस संबंध में प्रावधान है, जिसके तहत व्यापारियों के लिए यह वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की गई थी।
एक साल के बजाय तीन साल में रिन्यू करवा सकेंगे ट्रेड लाइसेंस :
पंजाब में सभी दुकानदार ट्रेड लाइसेंस अब एक साल के बजाय तीन साल में रिन्यू करवा सकते हैं। हाल ही में स्थानीय निकाय विभाग ने इस संबंध अधिसूचना जारी की है। साथ ही सभी स्थानीय शहरी निकायों के प्रमुखों को भी आदेश जारी कर दिए गए कि इन आदेशों की कड़ाई से पालना की जाए। पहले ट्रेड लाइसेंस रिन्यू करवाने के लिए दुकानदारों को हर साल काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। साथ ही समय पर रिन्यू न करवाने पर जुर्माने का भी सामना करना पड़ता था। यही कारण है कि अब सरकार ने व्यापारियों की परेशानी को देखते हुए लाइसेंस रिन्यू करवाने की अवधि को एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर दिया है। इससे व्यापारियों को अब हर साल लाइसेंस रिन्यू करवाने के झंझट से छुटकारा मिल गया है।