फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टरों की नियुक्ति पर हलफनामा सही नहीं मिला तो होगी अवमानना की कार्रवाई : हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शनिवार को पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि मालेरकोटला जिला अस्पताल में स्टाफ और सुविधाओं पर हलफनामे में कोई भी गड़बड़ी होने पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने यह चेतावनी पंजाब सरकार का हलफनामा रिकॉर्ड में लेने के बाद दी जिसमें दावा किया गया था कि 130 बेड वाले अस्पताल में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के सभी 15 मंजूर पद भर दिए गए हैं।
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता भीष्म किंगर खुद पेश हुए थे और उन्होंने राज्य के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में नियुक्त तीन स्पेशलिस्ट में से सिर्फ एक डॉक्टर कल्याणी गोयल ने ही असल में जॉइन किया है, जबकि मेडिसिन और गायनेकोलॉजी के दो अन्य ने नहीं किया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि राज्य का यह दावा कि सभी 15 पद भर दिए गए हैं, गुमराह करने वाला है।
पंजाब सरकार की ओर से सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल सलिल सभलोक ने अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की कमी पर राज्य का बचाव करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के 2021 इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स के नियमों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह दोनों सुविधाएं 200 से ज्यादा बेड वाले अस्पतालों में ही अनिवार्य हैं। मालेरकोटला 130 बेड का अस्पताल है, वहां के लिए यह अनिवार्य नहीं है। जब बेंच ने पूछा कि ये डायग्नोस्टिक सुविधाएं कितनी दूर तक उपलब्ध हैं, तो सरकार ने कहा कि दोनों सेवाएं लगभग 40 किलोमीटर दूर मिल सकती हैं, जिसमें रायकोट का सिविल अस्पताल भी शामिल है।
विज्ञापन

हाईकोर्ट को बताया गया कि मालेरकोटला में 39 मेडिकल ऑफिसर पोस्ट में से 20 भर दी गई हैं और राज्य भर में 1,000 मेडिकल ऑफिसर अपॉइंटमेंट चल रहे हैं जिनमें से 700 अपॉइंटमेंट लेटर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती सरकार की मंजूरी के लिए पेंडिंग है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें