स्वाति मोहाली की रहने वाली है और मामले में गिरफ्तार आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार की पत्नी है। सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 शाखा से जुड़े सरकारी धन के कथित गबन मामले में जेल में बंद स्वाति सिंगला को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत से राहत नहीं मिली।
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अदालत ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआई ने स्वाति की कंपनी में 75 फीसदी हिस्सेदारी और उसके निजी बैंक खाते में 52.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का दावा किया है।
स्वाति मोहाली की रहने वाली है और मामले में गिरफ्तार आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार की पत्नी है। सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। स्वाति को 26 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था और वह करीब छह महीने से न्यायिक हिरासत में है।
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बचाव पक्ष ने कहा- जांच पूरी, अब हिरासत की जरूरत नहीं
सुनवाई के दौरान स्वाति के वकील यवनीत ढाकला ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि स्वाति को मुख्य रूप से अभय कुमार की पत्नी होने के आधार पर आरोपी बनाया गया। वकील ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट अदालत में दाखिल हो चुकी है, इसलिए अब हिरासत में रखकर पूछताछ की जरूरत नहीं है।
सीबीआई का दावा- कंपनी में 75 फीसदी हिस्सेदारी
अभियोजन पक्ष के अनुसार स्वाति और उसके भाई अभिषेक सिंगला की स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स नामक कंपनी में हिस्सेदारी थी। जांच एजेंसी ने स्वाति की हिस्सेदारी 75 फीसदी होने का दावा किया है। सीबीआई के अनुसार कंपनी के यस बैंक और एयू स्माल फाइनेंस बैंक में खाते खुलवाने के लिए स्वाति के केवाईसी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इन खातों के एसएमएस अलर्ट के लिए स्वाति का मोबाइल नंबर दर्ज होने की बात भी कही गई है।
जांच एजेंसी के मुताबिक रकम ट्रांसफर के दौरान स्वाति के मोबाइल पर आए ओटीपी और हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि स्वाति के निजी बैंक खाते में 52.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष सीबीआई अदालत ने स्वाति सिंगला की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।