आयुर्वेद चिकित्सा पद्धतियों और शोध कार्य की सराहना, विदेशी छात्रों से भी संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के क्षेत्रीय निदेशक के. अय्यन्नार ने शनिवार को राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला का दौरा किया। संस्थान पहुंचने पर उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव गर्ग ने उन्हें आयुर्वेद उपचार, शिक्षा, शोध और चिकित्सा गतिविधियों की जानकारी दी।
डॉ. गौरव के अनुसार, संस्थान की ओपीडी के माध्यम से प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। दौरे के दौरान क्षेत्रीय निदेशक ने पंचकर्म चिकित्सा इकाई, ओपीडी और आईपीडी सेवाओं का निरीक्षण किया और मरीजों से बातचीत की। उन्होंने आयुर्वेद उपचार की वैज्ञानिक पद्धति, बेहतर रोगी देखभाल और उपचार व्यवस्था की सराहना की।
के. अय्यन्नार ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा दी जा रही चिकित्सा सेवाएं सराहनीय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आईसीसीआर के माध्यम से आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में ऐसे संस्थानों की अहम भूमिका है। दौरे के दौरान उन्होंने संस्थान में अध्ययनरत विदेशी छात्रों से संवाद किया और आयुर्वेद को आधुनिक रूप में बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा की।
संस्थान के डीन प्रभारी प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने बताया कि छात्र यहां आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ आयुर्वेद उपचार भी सीख रहे हैं। क्षेत्रीय निदेशक ने शैक्षणिक ब्लॉक, कक्षाएं, लाइब्रेरी, छात्रावास, अंतरराष्ट्रीय छात्रावास और ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण किया। विशेष रूप से लाइब्रेरी में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा से जुड़ी पुस्तकों का संग्रह उन्हें अत्यंत प्रभावशाली लगा। इस अवसर पर मुख्य वार्डन प्रोफेसर प्रह्लाद रघु, डॉ. अनूप एम और डॉ. शीन्षा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।